महाराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र स्थित ओम साईं एचपी गैस नौसागर एजेंसी पर रसोई गैस सिलेंडर वितरण प्रणाली में सुधार देखा गया है। अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी और पासबुक अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं की भीड़ कम हुई है और कालाबाजारी पर रोक लगी है। एजेंसी पर उपभोक्ताओं को पासबुक दिखाने और ओटीपी के माध्यम से ही गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था से किसी भी उपभोक्ता को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और एजेंसी पर अनावश्यक भीड़ भी नहीं दिख रही है। ओम साईं एचपी गैस एजेंसी के मालिक रजत चौधरी ने बताया कि उनके पास उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नई गाइडलाइन के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 45 दिन के बाद और शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 25 दिन के बाद गैस बुकिंग करनी होगी। स्थानीय उपभोक्ताओं जैसे नवरत्न, पंकज और मिश्रीलाल ने बताया कि पहले उन्हें गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता था। नई प्रणाली लागू होने के बाद उन्हें इस समस्या से निजात मिल गई है और वितरण प्रक्रिया अब काफी सुगम हो गई है।
महाराजगंज की गैस एजेंसी पर भीड़ कम हुई: कालाबाजारी रुकी, उपभोक्ताओं को मिली राहत – Lehra(Pharenda) News
महाराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र स्थित ओम साईं एचपी गैस नौसागर एजेंसी पर रसोई गैस सिलेंडर वितरण प्रणाली में सुधार देखा गया है। अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी और पासबुक अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं की भीड़ कम हुई है और कालाबाजारी पर रोक लगी है। एजेंसी पर उपभोक्ताओं को पासबुक दिखाने और ओटीपी के माध्यम से ही गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था से किसी भी उपभोक्ता को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और एजेंसी पर अनावश्यक भीड़ भी नहीं दिख रही है। ओम साईं एचपी गैस एजेंसी के मालिक रजत चौधरी ने बताया कि उनके पास उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नई गाइडलाइन के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 45 दिन के बाद और शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 25 दिन के बाद गैस बुकिंग करनी होगी। स्थानीय उपभोक्ताओं जैसे नवरत्न, पंकज और मिश्रीलाल ने बताया कि पहले उन्हें गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता था। नई प्रणाली लागू होने के बाद उन्हें इस समस्या से निजात मिल गई है और वितरण प्रक्रिया अब काफी सुगम हो गई है।










































