ग्राम पंचायत भिरवा में सिद्ध श्री दानू बाबा के स्थान पर श्रीमद्भागवत महापुराण के चतुर्थ दिवस की कथा का आयोजन किया गया। शाम 6 बजे शुरू हुई इस कथा में प्रवाचक चन्द्र प्रकाश पाण्डेय शास्त्री जी ने धर्म की स्थापना और ईश्वर के अवतरण पर प्रकाश डाला। शास्त्री जी ने बताया कि जब धरती पर अधर्म बढ़ जाता है और पाप का भार असहनीय हो जाता है, तब ईश्वर अपने परिकरों के साथ अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। वे धरती को पाप के बोझ से मुक्त करते हैं। प्रवाचक ने कारागार में गर्भगत गोविन्द के लिए देवताओं व मुनियों द्वारा की गई प्रार्थना का रोचक प्रसंग प्रस्तुत किया। उन्होंने कंस द्वारा देवकी के छह पुत्रों की हत्या और कन्या के रूप में जन्मी योगमाया की हत्या के प्रयास का आध्यात्मिक वर्णन भी किया। कथा के दौरान श्री कृष्ण के जन्म का महामहोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर अपनी खुशी व्यक्त की। इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत भिरवा के प्रधान प्रमोद तिवारी की ओर से किया गया था। इस अवसर पर मुख्य यजमान अरुण त्रिपाठी, राजकुमार मिश्र, राम गोपाल यादव, मगन बिहारी तिवारी और कार्यक्रम के संचालक रमाकरन पाण्डेय जी सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
भागवत कथा में धर्म स्थापना पर प्रवचन: बहराइच में श्री कृष्ण जन्म का महामहोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न – Tejwapur(Bahraich) News
ग्राम पंचायत भिरवा में सिद्ध श्री दानू बाबा के स्थान पर श्रीमद्भागवत महापुराण के चतुर्थ दिवस की कथा का आयोजन किया गया। शाम 6 बजे शुरू हुई इस कथा में प्रवाचक चन्द्र प्रकाश पाण्डेय शास्त्री जी ने धर्म की स्थापना और ईश्वर के अवतरण पर प्रकाश डाला। शास्त्री जी ने बताया कि जब धरती पर अधर्म बढ़ जाता है और पाप का भार असहनीय हो जाता है, तब ईश्वर अपने परिकरों के साथ अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। वे धरती को पाप के बोझ से मुक्त करते हैं। प्रवाचक ने कारागार में गर्भगत गोविन्द के लिए देवताओं व मुनियों द्वारा की गई प्रार्थना का रोचक प्रसंग प्रस्तुत किया। उन्होंने कंस द्वारा देवकी के छह पुत्रों की हत्या और कन्या के रूप में जन्मी योगमाया की हत्या के प्रयास का आध्यात्मिक वर्णन भी किया। कथा के दौरान श्री कृष्ण के जन्म का महामहोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर अपनी खुशी व्यक्त की। इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत भिरवा के प्रधान प्रमोद तिवारी की ओर से किया गया था। इस अवसर पर मुख्य यजमान अरुण त्रिपाठी, राजकुमार मिश्र, राम गोपाल यादव, मगन बिहारी तिवारी और कार्यक्रम के संचालक रमाकरन पाण्डेय जी सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।






































