बलरामपुर में लोक सेवा आयोग से जुड़े छात्र हितों के मुद्दों पर 15 दिसंबर को प्रस्तावित महा आंदोलन से एक दिन पहले समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष विनय वर्मा को उनके आवास चमरूपुर बाजार पर नजरबंद कर दिया गया। पुलिस ने यह कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे की। जिलाध्यक्ष विनय वर्मा ने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार की तानाशाही बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बिना किसी लिखित सूचना के, सरकार के इशारे पर घर में कैद कर दिया। वर्मा के अनुसार, यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। यह महा आंदोलन लोक सेवा आयोग से संबंधित छात्र हितों, भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार, खाली पड़ी भर्तियों और लंबे समय से परीक्षाएं न कराए जाने के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। इस आंदोलन को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का खुला समर्थन प्राप्त है। विनय वर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा युवाओं को नौकरी देने की नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में नहीं है, भाजपा जाएगी तो नौकरी आएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि समाजवादी छात्र सभा प्रतियोगी छात्रों के साथ हमेशा खड़ी रही है और उनके हक की लड़ाई लड़ती रहेगी। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित महा आंदोलन को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों को पुलिस द्वारा नजरबंद किया गया है। जिलाध्यक्ष को नजरबंद किए जाने से यह संकेत मिलता है कि प्रशासन इस आंदोलन को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
बलरामपुर में सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष नजरबंद:लोक सेवा आयोग आंदोलन से पहले पुलिस की कार्रवाई
बलरामपुर में लोक सेवा आयोग से जुड़े छात्र हितों के मुद्दों पर 15 दिसंबर को प्रस्तावित महा आंदोलन से एक दिन पहले समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष विनय वर्मा को उनके आवास चमरूपुर बाजार पर नजरबंद कर दिया गया। पुलिस ने यह कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे की। जिलाध्यक्ष विनय वर्मा ने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार की तानाशाही बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बिना किसी लिखित सूचना के, सरकार के इशारे पर घर में कैद कर दिया। वर्मा के अनुसार, यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। यह महा आंदोलन लोक सेवा आयोग से संबंधित छात्र हितों, भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार, खाली पड़ी भर्तियों और लंबे समय से परीक्षाएं न कराए जाने के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। इस आंदोलन को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का खुला समर्थन प्राप्त है। विनय वर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा युवाओं को नौकरी देने की नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में नहीं है, भाजपा जाएगी तो नौकरी आएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि समाजवादी छात्र सभा प्रतियोगी छात्रों के साथ हमेशा खड़ी रही है और उनके हक की लड़ाई लड़ती रहेगी। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित महा आंदोलन को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों को पुलिस द्वारा नजरबंद किया गया है। जिलाध्यक्ष को नजरबंद किए जाने से यह संकेत मिलता है कि प्रशासन इस आंदोलन को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।











































