लालगंज थाना क्षेत्र के महादेवा-लालगंज मार्ग पर धौरूखोर कांटा केंद्र से निकलने वाले ओवरलोड गन्ने के ट्राले सड़क और बिजली के केबल को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों ने बताया कि गन्ने को ट्राले की निर्धारित चौड़ाई से दोगुना और अत्यधिक ऊंचाई तक लादा जाता है। इस अत्यधिक ऊंचाई के कारण बिजली और संचार के केबल अक्सर टूट जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को आए दिन असुविधा होती है। स्थानीय निवासी मनोज कुमार के अनुसार, कांटा केंद्र से ओवरलोड ट्रालों को खींचने के लिए तीन-तीन ट्रैक्टरों का उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में ट्रैक्टरों का अगला हिस्सा ऊपर उठ जाता है, जिससे पीछे के टायरों के अत्यधिक दबाव से सड़क की बजरी चटक जाती है और गड्ढे बन जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप महादेवा-लालगंज मार्ग लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। राहगीर कैलाश ने आरोप लगाया कि इन ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी इस अनियमितता को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में बड़े पैमाने पर मिलीभगत की आशंका भी जताई। इस संबंध में, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी पंकज ने बताया कि जांच के दौरान ओवरलोड पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। देईसाड पीडर के जेई अवनीश कुमार ने जानकारी दी कि गन्ने की अत्यधिक ऊंचाई के कारण तार टूट जाते हैं। उपभोक्ताओं द्वारा सूचित करने पर तत्काल केबल को जोड़कर मरम्मत की जाती है।





































