
बहराइच के विकासखंड विशेश्वरगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत खानपुर मल्लोह में पंचायत भवन बंद मिला। यहां जनसुविधाओं की कमी सामने आई, जबकि सचिव महेश प्रताप ने सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा किया था। सचिव महेश प्रताप ने दावा किया था कि पंचायत भवन में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर न्यूज ऐप रिपोर्टर के मौके पर पहुंचने पर स्थिति इसके विपरीत पाई गई। पंचायत भवन में सचिव कक्ष और प्रधान कक्ष दोनों पर ताले लटके मिले। स्थानीय ग्रामीण रामचंद्र तिवारी ने बताया कि खानपुर मल्लोह का पंचायत भवन अक्सर बंद रहता है। भवन में प्रिंटर, इनवर्टर और बैटरी जैसी आवश्यक सुविधाएं मौके पर उपलब्ध नहीं थीं। पंचायत सहायक ने भी पुष्टि की कि कंप्यूटर के अलावा कोई अन्य व्यवस्था नहीं है। भवन में लगे नल से निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। मुख्य दरवाजे पर एक खुली नाली बह रही थी, जिसकी न तो सफाई की गई थी और न ही उस पर कोई ढक्कन रखा गया था। जब पत्रकार ने सचिव महेश प्रताप से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, ‘अगर सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो आप उपलब्ध करा दीजिए।’ इस पर सवाल उठ रहा है कि क्या पंचायत भवन की सुविधाओं की पूर्ति करना पत्रकारों का अधिकार क्षेत्र है। स्थानीय जनता ने इस रवैये पर नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि तानाशाही रवैया अपनाएंगे, तो वे भी अपने अधिकारों के लिए लड़ना जानते हैं और कार्य करवाना भी जानते हैं।


























