
खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गेंगटा में मनरेगा के तहत कराए जा रहे मिट्टी कार्य में अनियमितता का मामला सामने आया है। कोटिया-गेंगटा मार्ग पर बने पिच मार्ग की पटरी पर मिट्टी भराई के नाम पर केवल ऊपरी लेपन का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान आशिया खातून द्वारा मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की पटरियों पर पर्याप्त मोटाई में मिट्टी नहीं डाली जा रही है। कई जगहों पर सिर्फ दिखावे के लिए मिट्टी का लेपन किया गया है, जिसके बारिश में बह जाने की आशंका है। इससे सरकारी धन की बर्बादी हो सकती है और भविष्य में ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्यस्थल पर मनरेगा से संबंधित सूचना पट्ट, मस्टर रोल और कार्य की गुणवत्ता की निगरानी का अभाव है। इससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में ग्राम प्रधान आशिया खातून ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा, “कोटिया-गेंगटा मार्ग की पटरी पर मिट्टी का कार्य मनरेगा के नियमों के अनुसार ही कराया जा रहा है। चूंकि कार्य अभी प्रगति पर है, इसलिए फिलहाल केवल लेपन दिखाई दे रहा है। आगे भराई और समतलीकरण का कार्य पूरा किया जाएगा। यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है, तो उसे सुधारा जाएगा।” ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कराकर मनरेगा कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।










































