श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न का एक मामला सामने आया है। विवाह के महज 18 माह के भीतर ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से परेशान एक नवविवाहिता ने बीते मंगलवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। ग्राम लाल बनकटी निवासी 24 वर्षीय आसमां का विवाह लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व गांव के ही 25 वर्षीय गुलजार से हुआ था। आरोप है विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर मृतका को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका का पति गुलजार आसमां को मारपीट कर करीब एक माह पूर्व मुंबई चला गया था। इसी दौरान ससुराल में चल रहे विवाद और दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर आसमां ने अपने कमरे में छत से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आसमां की अभी कोई संतान भी नहीं थी। इस संबंध में 14 जनवरी 2026 को मृतका के परिजनों ने थाना इकौना में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें आरोप लगाया गया कि अभियुक्त गुलजार (पति), रसीद (ससुर), रसीद की पत्नी (सास), असलम की पत्नी (ननद) और रसीद की पुत्री (ननद) द्वारा विवाहोपरांत लगातार दहेज की मांग की जाती थी। मांग पूरी न होने पर मृतका के साथ गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी दी जाती थी तथा कई बार उसे घर से निकाल दिया गया। परिजनों ने दहेज के कारण साजिशपूर्वक प्रताड़ना से मृत्यु होने का भी आरोप लगाया था। प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना इकौना पुलिस द्वारा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस टीम ने अभियोग पंजीकरण के 24 घंटे के भीतर नामजद चार अभियुक्तों रसीद पुत्र हफीजुल्ला उर्फ कोयले, रसीद की पत्नी, असलम की पत्नी एवं रसीद की पुत्री को गोविन्दपुर नहर पुलिया से सीताद्वार जाने वाले नहर मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।





































