महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद के प्रसिद्ध पंचमुखी शिव मंदिर इटहिया में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजन किया। उन्होंने मंदिर परिसर में की गई व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल और यातायात प्रबंधन का जायजा लिया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहकर श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, साथ ही महिला सुरक्षा के लिए अलग से पुलिस बल तैनात रहा। पंचमुखी शिव मंदिर इटहिया क्षेत्र का अत्यंत प्राचीन और आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग पंचमुखी स्वरूप में स्वयं प्रकट हुआ था, जिसके कारण इसे ‘पंचमुखी शिव’ के नाम से जाना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और यहां वर्षों से महाशिवरात्रि पर भव्य मेले का आयोजन होता आ रहा है। इस मंदिर की एक और विशेषता यह है कि पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए यहां पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि पर भारत-नेपाल की सांस्कृतिक आस्था का यह संगम विशेष रूप से देखने को मिलता है। दिनभर भक्ति, श्रद्धा और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह महापर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
डीएम-एसपी ने इटहिया पंचमुखी शिव मंदिर में किया जलाभिषेक: महाशिवरात्रि पर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा,पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे – Nichlaul News
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद के प्रसिद्ध पंचमुखी शिव मंदिर इटहिया में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजन किया। उन्होंने मंदिर परिसर में की गई व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल और यातायात प्रबंधन का जायजा लिया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहकर श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, साथ ही महिला सुरक्षा के लिए अलग से पुलिस बल तैनात रहा। पंचमुखी शिव मंदिर इटहिया क्षेत्र का अत्यंत प्राचीन और आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग पंचमुखी स्वरूप में स्वयं प्रकट हुआ था, जिसके कारण इसे ‘पंचमुखी शिव’ के नाम से जाना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और यहां वर्षों से महाशिवरात्रि पर भव्य मेले का आयोजन होता आ रहा है। इस मंदिर की एक और विशेषता यह है कि पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए यहां पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि पर भारत-नेपाल की सांस्कृतिक आस्था का यह संगम विशेष रूप से देखने को मिलता है। दिनभर भक्ति, श्रद्धा और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह महापर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।



























