चिउटहा चौराहा बना ‘ब्लैक स्पॉट’: 5 दिनों में 4 बड़े हादसे, एक मासूम की मौत, प्रशासन बेखबर।

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रिपोर्ट:हेमंत कुमार दुबे।

सिसवा बाजार/महराजगंज।
रफ्तार जब हद से गुजर जाती है, तो सड़कें खामोश होकर लहू की कहानी सुनाती हैं…” सिंदुरिया क्षेत्र का चिउटहा चौराहा आज इन पंक्तियों की भयावह सच्चाई बन चुका है। निचलौल-पुरैना रोड और सिंदुरिया-सिसवा मार्ग को जोड़ने वाला यह व्यस्ततम चौराहा अब धीरे-धीरे ‘मौत के चौराहे’ में तब्दील हो रहा है। पिछले एक सप्ताह के भीतर हुए सिलसिलेवार हादसों ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है।


खूनी हफ्ता: हादसों का काला चिट्ठा।
चौराहे पर हो रहे लगातार एक्सीडेंट सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं:

11 मार्च: देर रात दो बोलेरो की भीषण भिड़ंत में एक 10 वर्षीय बालक की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
9 मार्च: दोपहर में ऑटो और बाइक की टक्कर में एक महिला को गंभीर चोटें आईं।
14 मार्च (शाम): दो बाइकों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक बाइक सवार अनियंत्रित होकर पास की फल की दुकान में जा घुसा।
14 मार्च (देर रात): एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने स्कूटी सवार को रौंद दिया और मौके से फरार हो गई।


शिक्षा का केंद्र, पर सुरक्षा शून्य।
चिउटहा चौराहे की संवेदनशीलता इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहाँ से महज 2 किलोमीटर के दायरे में दो इंटर कॉलेज, एक निजी विद्यालय और एक लाइब्रेरी स्थित है। हजारों छात्र प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं। वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और ब्रेकर न होने के कारण यहाँ हर पल किसी बड़ी अनहोनी का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार टक्कर इतनी भीषण होती है कि गाड़ियां हवा में उछलती नजर आती हैं।


अतिक्रमण और विभागीय लापरवाही मुख्य कारण।
ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार, हादसों की सबसे बड़ी वजह अवैध अतिक्रमण और सड़कों पर स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) का न होना है। ताज्जुब की बात यह है कि इतने व्यस्त मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अब तक सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी ‘शो-पीस’ बने हुए हैं, जिससे दुर्घटना के बाद दोषियों की पहचान करना असंभव हो जाता है।

ग्राम प्रधान प्रेम शंकर ने बताया कि कई बार शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग को लिखित व मौखिक सूचना दी गई, लेकिन समस्या ढाक के तीन पात बनी हुई है। प्रशासन की यह अनदेखी किसी बड़े आंदोलन को जन्म दे सकती है।

जनता की मांग।
क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी और पीडब्ल्यूडी विभाग से अविलंब चौराहे के चारों तरफ स्पीड ब्रेकर लगाने, अवैध अतिक्रमण हटाने और बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने की मांग की है।

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