एसडीएम नानपारा ने निर्वाचन कार्यों की समीक्षा की: बीएलओ और सुपरवाइजर को ASD सूची सत्यापन के निर्देश दिए – Balha(Bahraich) News

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नानपारा उपजिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी ने तहसील नानपारा सभागार में निर्वाचन संबंधी कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), सुपरवाइजरों, राजस्व लेखपालों, राजस्व निरीक्षकों और सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत) मतदाताओं की सूची का पुनः सत्यापन सुनिश्चित करना था। एसडीएम जौहरी ने प्रत्येक बीएलओ के कार्यों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी एएसडी मतदाता फॉर्मों का घर-घर जाकर पुनः सत्यापन करने और उचित कारण (जैसे मृतक, डबल, शिफ्टेड या अनुपस्थित) स्पष्ट रूप से लिखने का निर्देश दिया। निर्देशों में यह भी शामिल था कि सभी एएसडी फॉर्मों पर मतदाता या उनके परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर होने चाहिए। ‘हस्ताक्षर से इनकार’ (ईएफ रिफ्यूज टू साइन) किए गए फॉर्मों की जांच बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के साथ मतदाता के घर जाकर करने के निर्देश दिए गए। यदि कोई मतदाता गलती से एएसडी सूची में दर्ज हो गया है, तो उसकी जांच कर नियमों के तहत सुधार किया जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम गलती से न कटे। श्रीमती जौहरी ने सभी बीएलओ को तार्किक विसंगतियों के संबंध में भी निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की मैपिंग के आधार पर 7 प्रकार की तार्किक त्रुटियां सामने आई हैं, जिन पर ध्यान देना आवश्यक है। ‘नो मैपिंग’ से संबंधित मामलों पर निर्देश दिए गए कि संबंधित मतदाताओं से एक बार फिर संपर्क किया जाए। यदि उनकी 2003 की जानकारी उपलब्ध हो जाती है, तो मैपिंग की जाए। जिन क्षेत्रों में ‘नो मैपिंग’ की संख्या कम नहीं हो सकती, वहां बीएलओ और बीएलए को पुनः भ्रमण करने और न मिलने पर अपने सुपरवाइजर को एक स्पष्ट लिखित रिपोर्ट देने को कहा गया। बैठक के अंत में, एसडीएम ने प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी को निर्देश दिया कि वे एएसडी सूची में दर्ज नामों का घर-घर जाकर स्थलीय सत्यापन करें। यदि कोई पात्र व्यक्ति मिलता है, तो उसका फॉर्म फीड कराकर अपनी रिपोर्ट निर्वाचन कार्यालय, तहसील नानपारा को उपलब्ध कराएं।
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