बलहा विकासखंड कार्यालय पर भ्रष्टाचार और एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) के दुरुपयोग का आरोप लगा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनकी शिकायतों का निस्तारण बिना उन्हें संतुष्ट किए ही कर दिया जाता है, जिससे यह प्रणाली अधिकारियों के लिए कमाई का जरिया बन गई है। इस संबंध में एक उदाहरण ग्राम पंचायत बलहा से सामने आया है। शिकायतकर्ता पुनीत श्रीवास्तव ने 14 नवंबर को IGRS संख्या 40018025086051 के माध्यम से नाला सफाई के भुगतान को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी और खंड विकास अधिकारी ने शिकायतकर्ता से न तो मौके पर संपर्क किया और न ही उन्हें कार्यालय बुलाया। इसके बावजूद, खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का निस्तारण यह कहते हुए कर दिया कि शिकायतकर्ता मौके पर उपस्थित नहीं थे। विकासखंड बलहा के अंतर्गत आने वाले लगभग सभी गांवों में मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों में बिना काम कराए ही भुगतान किए जाने के गंभीर आरोप हैं। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान और ब्लॉक के अधिकारी-कर्मचारी कथित तौर पर कमीशन लेकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विकासखंड बलहा पर फर्जी सप्लायरों के माध्यम से सामग्री की अत्यधिक दरों पर खरीद का भी आरोप है। एक उदाहरण के तौर पर, बाजार में ₹17 प्रति ईंट मिलने वाली इंटरलॉकिंग ईंटें विकासखंड द्वारा ₹25.96 प्रति ईंट की दर से खरीदी जा रही हैं। इस प्रकार की खरीद से ग्राम पंचायतों के बजट का एक बड़ा हिस्सा वास्तविक विकास कार्यों पर खर्च होने के बजाय कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी बलहा, अपर्णा सैनी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि “मैं दिखवाती हूं।” यह स्थिति सरकार की IGRS योजना की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है और आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह प्रणाली अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथों की कठपुतली बन गई है।
IGRS में फर्री आख्या का आरोप: नानपारा में शिकायतें बिना बताए निस्तारित करने का आरोप – Nanpara Dehati(Nanpara) News
बलहा विकासखंड कार्यालय पर भ्रष्टाचार और एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) के दुरुपयोग का आरोप लगा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनकी शिकायतों का निस्तारण बिना उन्हें संतुष्ट किए ही कर दिया जाता है, जिससे यह प्रणाली अधिकारियों के लिए कमाई का जरिया बन गई है। इस संबंध में एक उदाहरण ग्राम पंचायत बलहा से सामने आया है। शिकायतकर्ता पुनीत श्रीवास्तव ने 14 नवंबर को IGRS संख्या 40018025086051 के माध्यम से नाला सफाई के भुगतान को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी और खंड विकास अधिकारी ने शिकायतकर्ता से न तो मौके पर संपर्क किया और न ही उन्हें कार्यालय बुलाया। इसके बावजूद, खंड विकास अधिकारी ने शिकायत का निस्तारण यह कहते हुए कर दिया कि शिकायतकर्ता मौके पर उपस्थित नहीं थे। विकासखंड बलहा के अंतर्गत आने वाले लगभग सभी गांवों में मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों में बिना काम कराए ही भुगतान किए जाने के गंभीर आरोप हैं। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान और ब्लॉक के अधिकारी-कर्मचारी कथित तौर पर कमीशन लेकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विकासखंड बलहा पर फर्जी सप्लायरों के माध्यम से सामग्री की अत्यधिक दरों पर खरीद का भी आरोप है। एक उदाहरण के तौर पर, बाजार में ₹17 प्रति ईंट मिलने वाली इंटरलॉकिंग ईंटें विकासखंड द्वारा ₹25.96 प्रति ईंट की दर से खरीदी जा रही हैं। इस प्रकार की खरीद से ग्राम पंचायतों के बजट का एक बड़ा हिस्सा वास्तविक विकास कार्यों पर खर्च होने के बजाय कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी बलहा, अपर्णा सैनी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि “मैं दिखवाती हूं।” यह स्थिति सरकार की IGRS योजना की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है और आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह प्रणाली अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथों की कठपुतली बन गई है।






































