बलरामपुर जिले के ग्राम साहेबनगर में चिकन पॉक्स (चेचक) के बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने स्वयं गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को इस संक्रामक रोग से बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिए।सीएमओ डॉ. रस्तोगी ने ग्रामीणों को बताया कि चिकन पॉक्स एक गंभीर बीमारी है और इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने इसके प्रमुख लक्षण बताए, जिनमें तेज बुखार, शरीर पर खुजलीदार दाने, दानों में पानी भरना, दानों के फूटने पर पपड़ी बनना, कमजोरी और बेचैनी शामिल हैं। उन्होंने समय पर पहचान और उचित सावधानी बरतने पर जोर दिया। सीएमओ के निर्देश पर गांव में तत्काल एक मेडिकल कैंप आयोजित किया गया। इस कैंप में 09 चिकन पॉक्स के मरीज, 02 स्केबीज के मरीज और 80 सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीजों की जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य टीम ने घर-घर जाकर सर्वे किया, प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए गांव में एंटी-लार्वा का छिड़काव, ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग और फॉगिंग भी कराई गई। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान मीजल्स (खसरा) का कोई मामला सामने नहीं आया। गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ला, चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकल्प मिश्रा, डॉ. बालमुकुंद मौर्या, एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. श्यामजी श्रीवास्तव सहित एएनएम, सीएचओ, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
बलरामपुर के साहेबनगर में चिकन पॉक्स:सीएमओ ने गांव का दौरा कर दिए सख्त निर्देश
बलरामपुर जिले के ग्राम साहेबनगर में चिकन पॉक्स (चेचक) के बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने स्वयं गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को इस संक्रामक रोग से बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिए।सीएमओ डॉ. रस्तोगी ने ग्रामीणों को बताया कि चिकन पॉक्स एक गंभीर बीमारी है और इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने इसके प्रमुख लक्षण बताए, जिनमें तेज बुखार, शरीर पर खुजलीदार दाने, दानों में पानी भरना, दानों के फूटने पर पपड़ी बनना, कमजोरी और बेचैनी शामिल हैं। उन्होंने समय पर पहचान और उचित सावधानी बरतने पर जोर दिया। सीएमओ के निर्देश पर गांव में तत्काल एक मेडिकल कैंप आयोजित किया गया। इस कैंप में 09 चिकन पॉक्स के मरीज, 02 स्केबीज के मरीज और 80 सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीजों की जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य टीम ने घर-घर जाकर सर्वे किया, प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए गांव में एंटी-लार्वा का छिड़काव, ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग और फॉगिंग भी कराई गई। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान मीजल्स (खसरा) का कोई मामला सामने नहीं आया। गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ला, चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकल्प मिश्रा, डॉ. बालमुकुंद मौर्या, एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. श्यामजी श्रीवास्तव सहित एएनएम, सीएचओ, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।




































