बहराइच जिले के तेजवापुर इलाके में स्थित मण्डल भकला गोपालपुर में मकर संक्रांति के अवसर पर ‘हिंदू सम्मेलन एवं खिचड़ी सहभोज’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित जन-समुदाय ने जातिगत संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्र रक्षा और सामाजिक समरसता का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बहराइच विभाग के विभाग प्रचार प्रमुख अतुल गौड़ मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब-जब हिंदू समाज की संख्या और शक्ति घटी है, तब-तब राष्ट्र का विभाजन हुआ है। उन्होंने अखंड भारत की सुरक्षा के लिए हिंदू समाज के संगठित होने को अनिवार्य बताया। गौड़ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक हिंदू ‘सहोदर भाई’ है और हिंदू धर्म में ऊंच-नीच तथा छुआछूत का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने समस्त समाज से परस्पर प्रेम, सौहार्द और आत्मीयता के साथ रहने का आग्रह किया। उन्होंने नव-भारत के निर्माण हेतु संघ के ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों पर भी प्रकाश डाला। इनमें भेदभाव रहित, समतामूलक और सौहार्दपूर्ण समाज की स्थापना; परिवारों में संस्कार, मर्यादा और भारतीय जीवन मूल्यों का पुनर्जागरण; जल संचयन, सघन वृक्षारोपण और प्लास्टिक के त्याग द्वारा प्रकृति की रक्षा; विदेशी वस्तुओं का त्याग कर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना; तथा व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रति दायित्वों का निर्वहन करना शामिल है। मुख्य अतिथि सहखंड संचालक बुद्धिसागर ने समाज के लोगों को निरंतर राष्ट्र कार्य में संलग्न रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय गुप्ता ने की, जिन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजन पांडे ने किया। सम्मेलन के उपरांत ‘समरसता खिचड़ी सहभोज’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस जिला प्रमुख उत्तम सिंह, सह खंड कार्यवाह योगेश, रामगोपाल, शिवम, पंकज कुमार गुप्ता, प्रमोद पांडे, हरिश्चंद्र गुप्ता, बीरबल, सुनील, रामचंद्र, बबलू साहू, विष्णु पांडे, रोहित गुप्ता, रोहित आर्य, राजित राम चौहान सहित सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे।
बहराइच में हिंदू सम्मेलन आयोजित: वक्ताओं ने कहा- राष्ट्र रक्षा को हिंदू समाज का एकजुट होना जरूरी – Bahraich News
बहराइच जिले के तेजवापुर इलाके में स्थित मण्डल भकला गोपालपुर में मकर संक्रांति के अवसर पर ‘हिंदू सम्मेलन एवं खिचड़ी सहभोज’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित जन-समुदाय ने जातिगत संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्र रक्षा और सामाजिक समरसता का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बहराइच विभाग के विभाग प्रचार प्रमुख अतुल गौड़ मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब-जब हिंदू समाज की संख्या और शक्ति घटी है, तब-तब राष्ट्र का विभाजन हुआ है। उन्होंने अखंड भारत की सुरक्षा के लिए हिंदू समाज के संगठित होने को अनिवार्य बताया। गौड़ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक हिंदू ‘सहोदर भाई’ है और हिंदू धर्म में ऊंच-नीच तथा छुआछूत का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने समस्त समाज से परस्पर प्रेम, सौहार्द और आत्मीयता के साथ रहने का आग्रह किया। उन्होंने नव-भारत के निर्माण हेतु संघ के ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों पर भी प्रकाश डाला। इनमें भेदभाव रहित, समतामूलक और सौहार्दपूर्ण समाज की स्थापना; परिवारों में संस्कार, मर्यादा और भारतीय जीवन मूल्यों का पुनर्जागरण; जल संचयन, सघन वृक्षारोपण और प्लास्टिक के त्याग द्वारा प्रकृति की रक्षा; विदेशी वस्तुओं का त्याग कर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना; तथा व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रति दायित्वों का निर्वहन करना शामिल है। मुख्य अतिथि सहखंड संचालक बुद्धिसागर ने समाज के लोगों को निरंतर राष्ट्र कार्य में संलग्न रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय गुप्ता ने की, जिन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजन पांडे ने किया। सम्मेलन के उपरांत ‘समरसता खिचड़ी सहभोज’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस जिला प्रमुख उत्तम सिंह, सह खंड कार्यवाह योगेश, रामगोपाल, शिवम, पंकज कुमार गुप्ता, प्रमोद पांडे, हरिश्चंद्र गुप्ता, बीरबल, सुनील, रामचंद्र, बबलू साहू, विष्णु पांडे, रोहित गुप्ता, रोहित आर्य, राजित राम चौहान सहित सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे।





































