मझौली सागर में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू:रूस, साइबेरिया से आते हैं हजारों किलोमीटर दूर के मेहमान

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कपिलवस्तु से सटे मझौली सागर में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। सर्दी का मौसम शुरू होते ही यह झील हर साल हजारों किलोमीटर दूर से आने वाले प्रवासी पक्षियों का ठिकाना बन जाती है। ये पक्षी रूस, साइबेरिया, चीन, कजाकिस्तान, तिब्बत और अन्य ठंडे देशों से मझौली सागर पहुंचते हैं। आमतौर पर इन पक्षियों का आगमन दिसंबर के पहले सप्ताह से शुरू होकर मार्च तक रहता है। इनके झुंड में लालसर, अधंगा, चाहा, खंजन, फुदकी और साइबेरियन क्रेन जैसी प्रमुख प्रजातियां शामिल होती हैं। मझौली सागर इन प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है। यह प्रकृति प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। लोग इन दुर्लभ पक्षियों को देखने और उनकी चहचहाहट का आनंद लेने आते हैं। सुबह के समय पक्षियों के झुंड की भरमार रहती है, जिससे तालाब की रौनक बढ़ जाती है। प्रवासी पक्षियों का यह आगमन जैव विविधता को बढ़ावा देता है।
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