डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में समड़ा से चौकनिया को जोड़ने वाला लगभग 3 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस मार्ग पर पैदल और दोपहिया वाहनों का चलना भी दूभर हो गया है। गांव के घरों का पानी सड़क के बीच में जमा होने से स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इस जोखिम भरे रास्ते से बचने के लिए दूसरे, लंबे मार्गों से भारतभारी चौकनिया तक का सफर तय करने को मजबूर हैं। यह सड़क चौकनिया और समड़ा जैसे गांवों को बस्ती-डुमरियागंज मुख्य मार्ग से जोड़ती है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। राहगीरों का कहना है कि लगभग एक साल से सड़क पर गिट्टी पड़ी हुई है, जिसके कारण अक्सर लोग चोटिल होते रहते हैं। क्षेत्र के अब्दुल कलाम, अब्दुल मन्नान, मोहम्मद इलियास, प्रमोद कुमार, संजय यादव, राकेश शर्मा, अकरम अली और अनवर अली सहित कई ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है।
समड़ा-चौकनिया मार्ग गड्ढों में तब्दील:3 किमी लंबी सड़क पर चलना मुश्किल, ग्रामीण परेशान
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में समड़ा से चौकनिया को जोड़ने वाला लगभग 3 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस मार्ग पर पैदल और दोपहिया वाहनों का चलना भी दूभर हो गया है। गांव के घरों का पानी सड़क के बीच में जमा होने से स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इस जोखिम भरे रास्ते से बचने के लिए दूसरे, लंबे मार्गों से भारतभारी चौकनिया तक का सफर तय करने को मजबूर हैं। यह सड़क चौकनिया और समड़ा जैसे गांवों को बस्ती-डुमरियागंज मुख्य मार्ग से जोड़ती है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। राहगीरों का कहना है कि लगभग एक साल से सड़क पर गिट्टी पड़ी हुई है, जिसके कारण अक्सर लोग चोटिल होते रहते हैं। क्षेत्र के अब्दुल कलाम, अब्दुल मन्नान, मोहम्मद इलियास, प्रमोद कुमार, संजय यादव, राकेश शर्मा, अकरम अली और अनवर अली सहित कई ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है।











































