बस्ती में किसानों-मजदूरों का प्रदर्शन:बीज और बिजली विधेयक 2025 वापस लेने की मांग, आंदोलन की तैयारी

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बस्ती में गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के फेडरेशन के आह्वान पर अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस मनाया गया। इस दौरान किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, सीटू और एटक सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्रीय मांग पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। यह जुलूस न्यायमार्ग स्थित कार्यालय से परशु राम, अंगद पांडेय और नरसिंह भारद्वाज के नेतृत्व में शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बीज विधेयक 2025, बिजली विधेयक 2025, स्मार्ट मीटर योजना और चार श्रम संहिताओं को जनविरोधी बताते हुए इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बीज विधेयक से किसानों को कॉरपोरेट कंपनियों पर निर्भर होना पड़ेगा, जिससे उनकी स्वायत्तता समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बिजली विधेयक और स्मार्ट मीटर से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। श्रम संगठनों के नेताओं ने चार श्रम संहिताओं को मजदूर विरोधी करार देते हुए कहा कि इनसे श्रमिकों के मौलिक अधिकार कमजोर होंगे। राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में बीज विधेयक 2025, बीवी ग्राम जी कानून, बिजली विधेयक 2025, चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने और स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने सहित कुल छह मांगें शामिल थीं। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में विजेंद्र प्रसाद, केशव राम, राम सहाय, रंजीत श्रीवास्तव, राम निरख, फूलचंद्र, राम लौट, के.के. तिवारी, अशर्फी लाल, जान प्रकाश, अनीता, राम गणेश, आकाश, संतोष यादव, अरविंद, शेषमणि, राम अज़ोर, शंकर दास, अनुपमा, राम जी, शिव चरण, राम करन, केशव शर्मा और मुन्नी देवी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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