गुरुवार देर रात शराब के नशे में हुई मारपीट के बाद एक युवक ने डायल 112 पर 80 हजार रुपये नकद और सोने की माला लूट लिए जाने की फर्जी सूचना दी। पुलिस को गुमराह करने का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस टीम पूरी रात कथित लुटेरों की तलाश में जुटी रही। हालांकि, चौकी परतावल के उपनिरीक्षक अखिलेश यादव की सूझबूझ से घटना की सच्चाई सामने आ गई। जानकारी के अनुसार, गोरखपुर निवासी आदर्श यादव अपने रिश्तेदार के यहां धरमौली गांव आया हुआ था। गुरुवार रात धनगड़ा स्थित शराब भट्टी के पास शराब पीने के दौरान उसका देवीपुर गांव के दो युवकों से विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया। इसी दौरान आदर्श यादव ने डायल 112 पर लूट की झूठी सूचना दर्ज करा दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने रातभर क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश की। जब चौकी परतावल के उपनिरीक्षक अखिलेश यादव ने दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ की, तो उनके बयानों में विरोधाभास पाया गया। गहन पूछताछ के बाद फर्जी लूट की कहानी का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के कुल चार लोगों का शांति भंग के आरोप में चालान किया है। उपनिरीक्षक अखिलेश यादव ने बताया कि यह मामला लूट का नहीं, बल्कि शराब के नशे में हुई आपसी मारपीट का था। पुलिस को फर्जी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में भी शांति भंग की कार्रवाई की गई है।
महराजगंज में शराब के नशे में मारपीट: दरोगा की सूझबूझ से खुला मामला, चार लोगों का चालान – Partawal(Maharajganj) News
गुरुवार देर रात शराब के नशे में हुई मारपीट के बाद एक युवक ने डायल 112 पर 80 हजार रुपये नकद और सोने की माला लूट लिए जाने की फर्जी सूचना दी। पुलिस को गुमराह करने का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस टीम पूरी रात कथित लुटेरों की तलाश में जुटी रही। हालांकि, चौकी परतावल के उपनिरीक्षक अखिलेश यादव की सूझबूझ से घटना की सच्चाई सामने आ गई। जानकारी के अनुसार, गोरखपुर निवासी आदर्श यादव अपने रिश्तेदार के यहां धरमौली गांव आया हुआ था। गुरुवार रात धनगड़ा स्थित शराब भट्टी के पास शराब पीने के दौरान उसका देवीपुर गांव के दो युवकों से विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया। इसी दौरान आदर्श यादव ने डायल 112 पर लूट की झूठी सूचना दर्ज करा दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने रातभर क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश की। जब चौकी परतावल के उपनिरीक्षक अखिलेश यादव ने दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ की, तो उनके बयानों में विरोधाभास पाया गया। गहन पूछताछ के बाद फर्जी लूट की कहानी का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के कुल चार लोगों का शांति भंग के आरोप में चालान किया है। उपनिरीक्षक अखिलेश यादव ने बताया कि यह मामला लूट का नहीं, बल्कि शराब के नशे में हुई आपसी मारपीट का था। पुलिस को फर्जी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में भी शांति भंग की कार्रवाई की गई है।





































