सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला के अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने जनवरी के मध्य में लगातार बदलते मौसम को स्वास्थ्य के लिए चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि सुबह हल्की धूप, दिन में ठंडी हवाएं और शाम को तेज सर्दी के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉ. सीपी सिंह के अनुसार, इस समय सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। दमा और अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में कठिनाई बढ़ रही है, जबकि उच्च रक्तचाप और हृदय रोगियों के लिए ठंड अतिरिक्त जोखिम पैदा कर रही है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों में जोड़ों का दर्द और अकड़न बढ़ जाती है, वहीं बच्चों में निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और वायरल फीवर की आशंका रहती है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस मौसम में विशेष रूप से प्रभावित होते हैं। समय रहते सावधानी न बरतने पर मामूली बीमारी भी गंभीर रूप ले सकती है। डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने ठंड से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने लोगों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने, सिर, कान और गला ढककर रखने की सलाह दी। साथ ही, देर रात और सुबह अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने को कहा। गुनगुना पानी पीने और ठंडी चीजों का सेवन न करने की सलाह दी गई है। भोजन में हरी सब्जियां, सूप, दाल, अदरक, लहसुन और विटामिन-सी युक्त फल शामिल करने को कहा गया। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी जमीन पर बैठने या सोने से बचाना चाहिए। हल्की धूप फायदेमंद है, लेकिन ठंडी हवा में देर तक नहीं बैठना चाहिए। बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला में सभी आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मौसम को हल्के में न लें, क्योंकि इस समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
बदलते मौसम में सतर्कता जरूरी:उतरौला में डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने बीमारियों का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला के अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने जनवरी के मध्य में लगातार बदलते मौसम को स्वास्थ्य के लिए चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि सुबह हल्की धूप, दिन में ठंडी हवाएं और शाम को तेज सर्दी के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉ. सीपी सिंह के अनुसार, इस समय सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। दमा और अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में कठिनाई बढ़ रही है, जबकि उच्च रक्तचाप और हृदय रोगियों के लिए ठंड अतिरिक्त जोखिम पैदा कर रही है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों में जोड़ों का दर्द और अकड़न बढ़ जाती है, वहीं बच्चों में निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और वायरल फीवर की आशंका रहती है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस मौसम में विशेष रूप से प्रभावित होते हैं। समय रहते सावधानी न बरतने पर मामूली बीमारी भी गंभीर रूप ले सकती है। डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने ठंड से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने लोगों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने, सिर, कान और गला ढककर रखने की सलाह दी। साथ ही, देर रात और सुबह अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने को कहा। गुनगुना पानी पीने और ठंडी चीजों का सेवन न करने की सलाह दी गई है। भोजन में हरी सब्जियां, सूप, दाल, अदरक, लहसुन और विटामिन-सी युक्त फल शामिल करने को कहा गया। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी जमीन पर बैठने या सोने से बचाना चाहिए। हल्की धूप फायदेमंद है, लेकिन ठंडी हवा में देर तक नहीं बैठना चाहिए। बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला में सभी आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मौसम को हल्के में न लें, क्योंकि इस समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।





































