नेपाल से दिल्ली, हैदराबाद सहित देश के कई बड़े महानगरों तक डग्गामार बसों का अवैध संचालन बेखौफ जारी है। संबंधित विभागों को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही है। यह पूरा खेल एक संगठित सिंडिकेट के जरिए चलाया जा रहा है। नेपाल के काठमांडू, भैरहवा, बुटवल और बेलहिया में बाकायदा टिकट काउंटर संचालित हैं। यहां दलाल यात्रियों से टिकट काटते हैं और उन्हें सोनौली सीमा तक पैदल लाया जाता है। सीमा पार कराने के बाद यात्रियों को सोनौली के प्राइवेट स्टैंड पर पहले से खड़ी डग्गामार बसों में बैठाया जाता है। इन बसों से उन्हें उत्तर प्रदेश के लखनऊ, दिल्ली, तेलंगाना समेत अन्य राज्यों के लिए रवाना कर दिया जाता है। बताया जा रहा है कि इन बसों के पास न तो अंतरराज्यीय परमिट है और न ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मानकों का पालन किया जाता है। इसके बावजूद रोज शाम दर्जनों बसें सोनौली से निकलती हैं। दलाल यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं, जबकि किसी दुर्घटना या समस्या की स्थिति में यात्रियों के पास न तो बीमा होता है और न ही कोई कानूनी सहायता। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि डग्गामार बसों के इस संगठित संचालन से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई सीमित दिखती है, जो संदेह पैदा करती है। एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि समय-समय पर डग्गामार बसों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।
नेपाल से दिल्ली-हैदराबाद तक चल रहीं डग्गामार बसें: अवैध संचालन से राजस्व को भारी नुकसान, सुरक्षा पर सवाल – Nautanwa(Nautanwa) News
नेपाल से दिल्ली, हैदराबाद सहित देश के कई बड़े महानगरों तक डग्गामार बसों का अवैध संचालन बेखौफ जारी है। संबंधित विभागों को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही है। यह पूरा खेल एक संगठित सिंडिकेट के जरिए चलाया जा रहा है। नेपाल के काठमांडू, भैरहवा, बुटवल और बेलहिया में बाकायदा टिकट काउंटर संचालित हैं। यहां दलाल यात्रियों से टिकट काटते हैं और उन्हें सोनौली सीमा तक पैदल लाया जाता है। सीमा पार कराने के बाद यात्रियों को सोनौली के प्राइवेट स्टैंड पर पहले से खड़ी डग्गामार बसों में बैठाया जाता है। इन बसों से उन्हें उत्तर प्रदेश के लखनऊ, दिल्ली, तेलंगाना समेत अन्य राज्यों के लिए रवाना कर दिया जाता है। बताया जा रहा है कि इन बसों के पास न तो अंतरराज्यीय परमिट है और न ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मानकों का पालन किया जाता है। इसके बावजूद रोज शाम दर्जनों बसें सोनौली से निकलती हैं। दलाल यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं, जबकि किसी दुर्घटना या समस्या की स्थिति में यात्रियों के पास न तो बीमा होता है और न ही कोई कानूनी सहायता। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि डग्गामार बसों के इस संगठित संचालन से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई सीमित दिखती है, जो संदेह पैदा करती है। एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि समय-समय पर डग्गामार बसों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।











































