दुकानदारों ने विधायक वीरेंद्र चौधरी से लगाई गुहार: फरेंदा में 50 साल पुरानी दुकानों को हटाने के नोटिस पर मांगा समाधान – Pharenda News

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फरेंदा तहसील के लगभग 60 छोटे-बड़े दुकानदारों ने अपनी दुकानों को हटाने के नोटिस के खिलाफ विधायक वीरेंद्र चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने आनंदनगर स्थित विधायक कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की। दुकानदारों ने विधायक को बताया कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से फरेंदा तहसील के किनारे अस्थायी टीन-शेड और अन्य ढाँचे बनाकर दुकानें चला रहे हैं। इन दुकानों से ही उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है। वर्ष 2019 में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर प्रशासन ने इन दुकानों को हटाने का नोटिस जारी किया था। इसके विरोध में दुकानदारों ने उच्च न्यायालय का रुख किया, जहां माननीय उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश (स्टे) प्रदान कर दिया था। दुकानदारों का आरोप है कि पहले वे नियमित रूप से तहसील में किराया जमा करते थे, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद तहसील प्रशासन ने किराया स्वीकार करना बंद कर दिया है। इससे उनकी स्थिति और अनिश्चित हो गई है। अब वे विधायक से मांग कर रहे हैं कि उनकी दुकानों को कानूनी वैधता प्रदान की जाए और उनके रोजगार को सुरक्षित रखने के लिए एक स्थायी समाधान निकाला जाए। विधायक वीरेंद्र चौधरी ने दुकानदारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी से बात कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे। विधायक ने कहा, “मैं जल्द ही उच्च अधिकारियों से मिलकर न्याय सुनिश्चित करूंगा।” ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संतोष चौधरी ने किया। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेश मौर्य, डॉ. रामनारायण चौरसिया, राजदेव यादव, चुन्ने दुबे, हनुमान कनौजिया, कुंजबिहारी निषाद, पटवारी निषाद, संदेश जायसवाल, लालजी चौरसिया सहित बड़ी संख्या में दुकानदार और स्थानीय लोग उपस्थित थे।
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