बस्ती और अम्बेडकरनगर को जोड़ने वाला कलवारी-टांडा पुल एक बार फिर चार पहिया वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। मंगलवार रात करीब 7 बजे पुल के दोनों ओर मिट्टी डालकर आवागमन रोक दिया गया, जिससे छोटे चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य का अधिकांश हिस्सा अभी अधूरा है। कार्यदायी संस्था ने मरम्मत के दौरान बार-बार उत्पन्न हो रहे अवरोधों और सुरक्षा को देखते हुए चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद करने का निर्णय लिया। इससे पहले दिन में कई बार पुल को बंद करने का प्रयास किया गया था, लेकिन लोग जबरन वाहन निकालते रहे। इसके बाद शाम होते ही सख्ती दिखाते हुए पुल को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ दो दिन पहले ही कार्यदायी संस्था और संबंधित विभागों ने छोटे चार पहिया वाहनों को आने-जाने की अनुमति दी थी। ऐसे में अचानक रात में पुल बंद कर देने से राहगीरों में नाराजगी है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब मरम्मत कार्य अधूरा था तो छूट देने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। पुल बंद होने से खासतौर पर छोटे चार पहिया वाहन चालकों, मरीजों, व्यापारियों और रोजमर्रा के यात्रियों को अधिक दिक्कत हो रही है। उन्हें वैकल्पिक मार्गों से घूमकर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। इसी क्रम में, अकबरपुर जिला मुख्यालय से आवश्यक कार्य निपटाकर अपने घर बस्ती लौट रहे एक राहगीर प्रभाकर पुल के पास पहुंचकर परेशान हो गए। उन्होंने बताया कि पुल के दोनों तरफ मिट्टी का ढेर लगा दिया गया है, जिससे चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह असंभव हो गया है। अचानक रास्ता बंद होने से उन्हें लंबा चक्कर काटकर वापस जाना पड़ा।




































