एमएलके पीजी कॉलेज बलरामपुर में शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा ‘मूल्य शिक्षा एवं जीवन’ विषय पर आयोजित 60 दिवसीय कौशल प्रमाण पत्र कोर्स का समापन हुआ। मंगलवार को एक समारोह में चयनित छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जे. पी. पाण्डेय ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राचार्य प्रो. पाण्डेय ने कहा कि मूल्य शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति में नैतिक, सामाजिक और भावनात्मक गुणों जैसे ईमानदारी, सहानुभूति और जिम्मेदारी का विकास करना है। इससे छात्र जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर संतुलित और जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे। शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष और सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डॉ. दिनेश मौर्य ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि ऐसे सर्टिफिकेट कोर्स छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। सर्टिफिकेट कोर्स के समन्वयक और विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह कोर्स छात्रों में नैतिक मूल्यों, आत्म-अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार को विकसित कर उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है। डॉ. चौहान ने आगे कहा कि यह कोर्स केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की चुनौतियों का सामना करने, सकारात्मक निर्णय लेने और एक बेहतर नागरिक बनने के लिए आवश्यक जीवन कौशल और नैतिक आधार प्रदान करता है। इससे व्यक्तिगत विकास, करियर में उन्नति और समाज में सकारात्मक योगदान की क्षमता बढ़ती है। इस अवसर पर विभागीय शिक्षक डॉ. विशाल गुप्त और प्रियंका गुप्ता सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
बलरामपुर के कॉलेज में प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित:'मूल्य शिक्षा एवं जीवन' कोर्स के छात्रों को सम्मानित किया गया
एमएलके पीजी कॉलेज बलरामपुर में शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा ‘मूल्य शिक्षा एवं जीवन’ विषय पर आयोजित 60 दिवसीय कौशल प्रमाण पत्र कोर्स का समापन हुआ। मंगलवार को एक समारोह में चयनित छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जे. पी. पाण्डेय ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राचार्य प्रो. पाण्डेय ने कहा कि मूल्य शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति में नैतिक, सामाजिक और भावनात्मक गुणों जैसे ईमानदारी, सहानुभूति और जिम्मेदारी का विकास करना है। इससे छात्र जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर संतुलित और जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे। शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष और सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डॉ. दिनेश मौर्य ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि ऐसे सर्टिफिकेट कोर्स छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। सर्टिफिकेट कोर्स के समन्वयक और विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह कोर्स छात्रों में नैतिक मूल्यों, आत्म-अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार को विकसित कर उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है। डॉ. चौहान ने आगे कहा कि यह कोर्स केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की चुनौतियों का सामना करने, सकारात्मक निर्णय लेने और एक बेहतर नागरिक बनने के लिए आवश्यक जीवन कौशल और नैतिक आधार प्रदान करता है। इससे व्यक्तिगत विकास, करियर में उन्नति और समाज में सकारात्मक योगदान की क्षमता बढ़ती है। इस अवसर पर विभागीय शिक्षक डॉ. विशाल गुप्त और प्रियंका गुप्ता सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।







































