भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) तहसील हर्रैया (डोभा) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि किसानों ने अपनी समस्याओं के संबंध में कई बार ज्ञापन दिए हैं, लेकिन अब तक किसी भी मुद्दे पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे किसानों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। ज्ञापन में मुख्य रूप से साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया गया है। किसानों का आरोप है कि उनसे प्रति बोरी 1500 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। परसरामपुर क्षेत्र समेत अन्य जगहों पर किसानों का शोषण जारी है। इसके अतिरिक्त, पीएम फसल बीमा योजना के तहत ऑनलाइन फसल कटाई के बावजूद लेखपालों द्वारा समय पर रिपोर्ट अपलोड नहीं की जा रही है। कई मामलों में दो से तीन महीने बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट लंबित पड़ी हैं, जिससे किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों की बेनामी और पुरानी भूमि से संबंधित फाइलें भी वर्षों से लंबित हैं, जिनका निस्तारण नहीं हुआ है। वहीं, गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से अनावश्यक कटौती के नाम पर 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की वसूली का आरोप भी लगाया गया है। भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में सत्यनाम चौधरी, सुभाष देवी, शैलेश कुमार (ब्लॉक अध्यक्ष), कमलेश और अन्य किसान शामिल थे।









































