बहराइच में महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और मिलान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में किशोरी जीवन कौशल एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य जिले की 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाना है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत चिन्हित जिलों में संचालित किया जा रहा है। इनमें बहराइच के साथ-साथ श्रावस्ती और बलरामपुर भी शामिल हैं। इसका लक्ष्य किशोरियों की नियमित सहभागिता सुनिश्चित करना है ताकि वे शिक्षा से जुड़ी रहें, अपने स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक हों तथा जीवन कौशल व नेतृत्व क्षमता विकसित कर सकें। मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने इस अवसर पर कहा कि किशोरियों में निवेश समाज के सतत विकास की नींव है। उन्होंने जोर दिया कि जब लड़कियाँ शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समुदाय पर पड़ता है, जिससे मानव विकास सूचकांकों में भी सुधार आता है। कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत किशोरियों की शिक्षा में निरंतरता, स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता, जीवन कौशल विकास, बाल विवाह की रोकथाम और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मिलान संस्था की कंट्री डायरेक्टर स्वाहा साहू ने जानकारी दी कि उनकी संस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। इसमें कार्यक्रम का डिजाइन तैयार करना, क्षमता निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना शामिल है।
बहराइच में किशोरी जीवन कौशल कार्यक्रम शुरू: महिला एवं बाल विकास विभाग, मिलान संस्था ने किया शुभारंभ – Bahraich News
बहराइच में महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और मिलान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में किशोरी जीवन कौशल एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य जिले की 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाना है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत चिन्हित जिलों में संचालित किया जा रहा है। इनमें बहराइच के साथ-साथ श्रावस्ती और बलरामपुर भी शामिल हैं। इसका लक्ष्य किशोरियों की नियमित सहभागिता सुनिश्चित करना है ताकि वे शिक्षा से जुड़ी रहें, अपने स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक हों तथा जीवन कौशल व नेतृत्व क्षमता विकसित कर सकें। मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने इस अवसर पर कहा कि किशोरियों में निवेश समाज के सतत विकास की नींव है। उन्होंने जोर दिया कि जब लड़कियाँ शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समुदाय पर पड़ता है, जिससे मानव विकास सूचकांकों में भी सुधार आता है। कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत किशोरियों की शिक्षा में निरंतरता, स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता, जीवन कौशल विकास, बाल विवाह की रोकथाम और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मिलान संस्था की कंट्री डायरेक्टर स्वाहा साहू ने जानकारी दी कि उनकी संस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। इसमें कार्यक्रम का डिजाइन तैयार करना, क्षमता निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना शामिल है।






































