महाराजगंज, फरेन्दा, 17 जनवरी 2026: बाराबंकी जिले के टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर फरेन्दा के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। फरेन्दा दीवानी कचहरी के अधिवक्ताओं ने इस घटना के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपजिलाधिकारी फरेन्दा के माध्यम से एक पत्र सौंपा है। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की है। यह घटना गुरुवार शाम को बाराबंकी के टोल प्लाजा पर घटी। बताया जाता है कि कचहरी से लौट रहे दो अधिवक्ता अपने वाहन से टोल पास करने पहुंचे थे। टोल शुल्क को लेकर टोलकर्मियों से उनका मामूली विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि टोलकर्मियों ने उन पर हमला बोल दिया और मारपीट की, जिससे वे घायल हो गए। उन्होंने टोलकर्मियों पर दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने हंगामा किया, लेकिन टोलकर्मी वहां से भाग निकले। अधिवक्ताओं ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई है। फरेन्दा दीवानी कचहरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह ने बताया, “हमारे साथी अधिवक्ता न्याय की लड़ाई लड़ते हैं, लेकिन खुद असुरक्षित हैं। टोलकर्मियों का यह कृत्य असहनीय है। हमने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है कि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो और हमें सुरक्षा प्रदान की जाए।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने 24 घंटे में कार्रवाई नहीं की तो कचहरी का बहिष्कार और आंदोलन किया जाएगा। एसोसिएशन के सदस्यों ने कचहरी परिसर में बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया और बैनर भी लगाए। उपजिलाधिकारी फरेन्दा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और थाने को जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने भी कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा प्राथमिकता है और घटना से संबंधित वीडियो फुटेज खंगाली जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा पर अक्सर अधिक वसूली की शिकायतें आती हैं, जिससे विवाद बढ़ते हैं। अधिवक्ताओं ने टोल प्रबंधन को पारदर्शी बनाने की मांग की है। पत्रक सौंपने वालों में प्रेम कुमार सिंह, अजीत मणि, सुधेश मोहन श्रीवास्तव, रामसहाय गुप्ता, स्कंद श्रीवास्तव, मोहम्मद हई खाँ, मनोज मिश्रा, रविन्द्र नाथ उपाध्याय, उमाकान्त विश्वकर्मा और अभिषेक अग्रहरी सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे।
बाराबंकी टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं से मारपीट: फरेन्दा के वकीलों ने सीएम को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की – Pharenda News
महाराजगंज, फरेन्दा, 17 जनवरी 2026: बाराबंकी जिले के टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर फरेन्दा के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। फरेन्दा दीवानी कचहरी के अधिवक्ताओं ने इस घटना के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपजिलाधिकारी फरेन्दा के माध्यम से एक पत्र सौंपा है। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की है। यह घटना गुरुवार शाम को बाराबंकी के टोल प्लाजा पर घटी। बताया जाता है कि कचहरी से लौट रहे दो अधिवक्ता अपने वाहन से टोल पास करने पहुंचे थे। टोल शुल्क को लेकर टोलकर्मियों से उनका मामूली विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि टोलकर्मियों ने उन पर हमला बोल दिया और मारपीट की, जिससे वे घायल हो गए। उन्होंने टोलकर्मियों पर दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने हंगामा किया, लेकिन टोलकर्मी वहां से भाग निकले। अधिवक्ताओं ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई है। फरेन्दा दीवानी कचहरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह ने बताया, “हमारे साथी अधिवक्ता न्याय की लड़ाई लड़ते हैं, लेकिन खुद असुरक्षित हैं। टोलकर्मियों का यह कृत्य असहनीय है। हमने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है कि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो और हमें सुरक्षा प्रदान की जाए।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने 24 घंटे में कार्रवाई नहीं की तो कचहरी का बहिष्कार और आंदोलन किया जाएगा। एसोसिएशन के सदस्यों ने कचहरी परिसर में बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया और बैनर भी लगाए। उपजिलाधिकारी फरेन्दा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और थाने को जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने भी कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा प्राथमिकता है और घटना से संबंधित वीडियो फुटेज खंगाली जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा पर अक्सर अधिक वसूली की शिकायतें आती हैं, जिससे विवाद बढ़ते हैं। अधिवक्ताओं ने टोल प्रबंधन को पारदर्शी बनाने की मांग की है। पत्रक सौंपने वालों में प्रेम कुमार सिंह, अजीत मणि, सुधेश मोहन श्रीवास्तव, रामसहाय गुप्ता, स्कंद श्रीवास्तव, मोहम्मद हई खाँ, मनोज मिश्रा, रविन्द्र नाथ उपाध्याय, उमाकान्त विश्वकर्मा और अभिषेक अग्रहरी सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे।

































