शनिवार को भनवापुर ब्लॉक के बिजौरा में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। सम्मेलन के मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक सुरजीत जी ने अपने संबोधन में हिन्दू समाज की वास्तविक शक्ति को उसकी एकता, संस्कार और संगठन में निहित बताया। सुरजीत जी ने जोर दिया कि जब समाज संगठित होकर अपने सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करता है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। उन्होंने युवाओं और मातृशक्ति से सामाजिक समरसता बनाए रखने तथा राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने समझाया कि जब समाज धर्म और संस्कार के मार्ग पर चलता है, तब राष्ट्र स्वतः ही सुदृढ़ होता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आपसी सद्भाव, संयम और संस्कारों को जीवन में अपनाने की अपील की। अन्य वक्ताओं ने भी हिन्दू समाज की एकता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा संगठन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति आपसी प्रेम, भाईचारे और सहयोग से ही बढ़ती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महन्थ शत्रुहन पांडेय ने की, जबकि संचालन खण्ड कार्यवाह रामअजोरे उर्फ अजय यादव ने किया। ओमप्रकाश दास कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, नगर पंचायत अध्यक्ष अजय गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कसौधन सहित श्रवण गिरी, सच्चिदानंद पाण्डेय, अक्षय शुक्ल, विशाल, जयवर्धन तिवारी, सुधीर त्रिपाठी, ओमप्रकाश तिवारी, गजेंद्र शुक्ल, मंतोष पाठक, जेपी पांडेय, प्रेम पांडेय, लवकुश शुक्ल और प्रिंस पांडेय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बिजौरा में हिन्दू सम्मेलन आयोजित:एकता, संस्कार और संगठन से राष्ट्र सशक्त बनाने पर जोर
शनिवार को भनवापुर ब्लॉक के बिजौरा में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। सम्मेलन के मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक सुरजीत जी ने अपने संबोधन में हिन्दू समाज की वास्तविक शक्ति को उसकी एकता, संस्कार और संगठन में निहित बताया। सुरजीत जी ने जोर दिया कि जब समाज संगठित होकर अपने सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करता है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। उन्होंने युवाओं और मातृशक्ति से सामाजिक समरसता बनाए रखने तथा राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने समझाया कि जब समाज धर्म और संस्कार के मार्ग पर चलता है, तब राष्ट्र स्वतः ही सुदृढ़ होता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आपसी सद्भाव, संयम और संस्कारों को जीवन में अपनाने की अपील की। अन्य वक्ताओं ने भी हिन्दू समाज की एकता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा संगठन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति आपसी प्रेम, भाईचारे और सहयोग से ही बढ़ती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महन्थ शत्रुहन पांडेय ने की, जबकि संचालन खण्ड कार्यवाह रामअजोरे उर्फ अजय यादव ने किया। ओमप्रकाश दास कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, नगर पंचायत अध्यक्ष अजय गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कसौधन सहित श्रवण गिरी, सच्चिदानंद पाण्डेय, अक्षय शुक्ल, विशाल, जयवर्धन तिवारी, सुधीर त्रिपाठी, ओमप्रकाश तिवारी, गजेंद्र शुक्ल, मंतोष पाठक, जेपी पांडेय, प्रेम पांडेय, लवकुश शुक्ल और प्रिंस पांडेय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।





































