श्रावस्ती जिले में महिला एवं बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र उत्तम के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन रक्षा’ के तहत यह कार्रवाई की गई। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, मानव तस्करी पर रोक तथा बाल विवाह व बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन हेतु समाज को जागरूक करना है। इस अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थानाध्यक्ष मल्हीपुर, मिशन शक्ति टीम थाना मल्हीपुर और थाना एएचटी श्रावस्ती की टीमों ने जमुनहा बाजार में सघन चेकिंग की। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई, सुरक्षा नियमों की जांच हुई और स्थानीय दुकानदारों व आम जनता को महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त, तिकोनी मोड़ नेपाल बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सहयोग से एक संयुक्त कार्रवाई भी की गई। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और पूछताछ की गई, जिसका मुख्य लक्ष्य मानव तस्करी की घटनाओं को रोकना था। पुलिस ने आमजन से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु के संबंध में तुरंत डायल 112 पर सूचना देने की अपील की है। यह अभियान 100 दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत श्रावस्ती के चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को बाल विवाह, बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। विशेष जागरूकता गतिविधियाँ होटल, ढाबों, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी आयोजित की गईं। अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र उत्तम ने इस संबंध में बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य महिला और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन रक्षा और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के माध्यम से हम न केवल कानून को सख्ती से लागू कर रहे हैं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाकर इस दिशा में बदलाव भी ला रहे हैं।” थाना मल्हीपुर के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सरोज ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई, जिन्हें आवश्यक पूछताछ के लिए सुरक्षा अधिकारियों के पास भेजा गया है। उन्होंने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि समाज की सुरक्षा में हर नागरिक की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।






































