सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज में मौनी अमावस्या मेले के अवसर पर दो दिवसीय राम-राम कुश्ती महादंगल का आयोजन किया गया। राप्ती नदी तट स्थित परशुराम वाटिका में धर्म रक्षा मंच द्वारा आयोजित इस दंगल में नेपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेंच का प्रदर्शन किया, जिसने हजारों दर्शकों को आकर्षित किया। महादंगल का उद्घाटन जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने विधि-विधान से पूजन और फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अधिकारियों ने पहलवानों का हाथ मिलवाकर पहली कुश्ती शुरू करवाई, जिसमें पुरुष वर्ग में अयोध्या के राजेश पहलवान और महिला वर्ग में गोंडा के नंदनीनगर की शिवांगी सिंह ने जीत हासिल की। इस दंगल में नेपाल, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, अयोध्या, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और केरल सहित कई राज्यों के पहलवानों ने हिस्सा लिया। एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को खूब तालियां बजाने पर मजबूर किया। कई कुश्तियां लंबी चलीं, जिससे दंगल का उत्साह चरम पर रहा। पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद से इस पारंपरिक दंगल को “राम-राम दंगल” नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुश्ती भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण खेल है, जो युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मौनी अमावस्या मेले में दंगल की परंपरा को जीवित रखना और युवा पहलवानों को एक मंच प्रदान करना है। महादंगल में कई चर्चित मुकाबले भी देखने को मिले। इनमें नेपाल के पंडित थापा, लक्की थापा, चिम-चिम डोगरा, नम्रता पहलवान, शक्तिमान पहलवान, शास्त्री पहलवान, भूरा पहलवान, नरेश पहलवान, मुन्ना पहलवान, संदीप पहलवान और सर्वेश तिवारी जैसे पहलवानों ने जीत हासिल की। उत्तर प्रदेश केसरी सर्वेश तिवारी ने राजस्थान के ठाकुर जल्लाद सिंह को कुछ ही मिनटों में चित कर दर्शकों का खूब उत्साह बढ़ाया। कुछ मुकाबले बराबरी पर भी समाप्त हुए।
सिद्धार्थनगर में मौनी अमावस्या पर महादंगल:देश-विदेश के पहलवानों ने दिखाए कुश्ती के दांव-पेंच
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज में मौनी अमावस्या मेले के अवसर पर दो दिवसीय राम-राम कुश्ती महादंगल का आयोजन किया गया। राप्ती नदी तट स्थित परशुराम वाटिका में धर्म रक्षा मंच द्वारा आयोजित इस दंगल में नेपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेंच का प्रदर्शन किया, जिसने हजारों दर्शकों को आकर्षित किया। महादंगल का उद्घाटन जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने विधि-विधान से पूजन और फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अधिकारियों ने पहलवानों का हाथ मिलवाकर पहली कुश्ती शुरू करवाई, जिसमें पुरुष वर्ग में अयोध्या के राजेश पहलवान और महिला वर्ग में गोंडा के नंदनीनगर की शिवांगी सिंह ने जीत हासिल की। इस दंगल में नेपाल, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, अयोध्या, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और केरल सहित कई राज्यों के पहलवानों ने हिस्सा लिया। एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को खूब तालियां बजाने पर मजबूर किया। कई कुश्तियां लंबी चलीं, जिससे दंगल का उत्साह चरम पर रहा। पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद से इस पारंपरिक दंगल को “राम-राम दंगल” नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुश्ती भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण खेल है, जो युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मौनी अमावस्या मेले में दंगल की परंपरा को जीवित रखना और युवा पहलवानों को एक मंच प्रदान करना है। महादंगल में कई चर्चित मुकाबले भी देखने को मिले। इनमें नेपाल के पंडित थापा, लक्की थापा, चिम-चिम डोगरा, नम्रता पहलवान, शक्तिमान पहलवान, शास्त्री पहलवान, भूरा पहलवान, नरेश पहलवान, मुन्ना पहलवान, संदीप पहलवान और सर्वेश तिवारी जैसे पहलवानों ने जीत हासिल की। उत्तर प्रदेश केसरी सर्वेश तिवारी ने राजस्थान के ठाकुर जल्लाद सिंह को कुछ ही मिनटों में चित कर दर्शकों का खूब उत्साह बढ़ाया। कुछ मुकाबले बराबरी पर भी समाप्त हुए।





































