महराजगंज के सिसवा विकास खंड स्थित सोनबरसा गांव के ग्रामीणों ने ग्राम विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की। उन्होंने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत पर 16 जुलाई 2025 को एक जांच हुई थी। इस जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद, 17 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ताओं को बिना किसी सूचना के दोबारा जांच की गई। उनका दावा है कि इस दूसरी जांच का मुख्य उद्देश्य कथित तौर पर दोषियों को बचाना था। साथ ही, त्रिस्तरीय समिति का गठन भी रोक दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना आयोग के आदेश के बावजूद उन्हें मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कुछ शिकायतकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने का भी दावा किया है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई, गबन किए गए धन की वसूली और मांगी गई सूचना तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की है। इस मौके पर संजय निषाद, रविंद्र कुमार, गौरव कुमार, ओमकार, जितेंद्र निषाद और रामउग्रह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
महराजगंज में ग्रामीणों की दूसरे दिन भूख हड़ताल: ग्राम विकास में भ्रष्टाचार, दोषियों को बचाने का आरोप – Rudhauli Bhawchak(Maharajganj sadar) News
महराजगंज के सिसवा विकास खंड स्थित सोनबरसा गांव के ग्रामीणों ने ग्राम विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की। उन्होंने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत पर 16 जुलाई 2025 को एक जांच हुई थी। इस जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद, 17 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ताओं को बिना किसी सूचना के दोबारा जांच की गई। उनका दावा है कि इस दूसरी जांच का मुख्य उद्देश्य कथित तौर पर दोषियों को बचाना था। साथ ही, त्रिस्तरीय समिति का गठन भी रोक दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना आयोग के आदेश के बावजूद उन्हें मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कुछ शिकायतकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने का भी दावा किया है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई, गबन किए गए धन की वसूली और मांगी गई सूचना तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की है। इस मौके पर संजय निषाद, रविंद्र कुमार, गौरव कुमार, ओमकार, जितेंद्र निषाद और रामउग्रह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।





































