महाराजगंज, फरेंदा। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए फरेंदा क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध कुमार ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस बल के साथ संयुक्त गश्त की। यह अभियान मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को शाम 6:30 बजे चलाया गया, जिसका उद्देश्य सीमा पर कड़ी चौकसी सुनिश्चित करना था। इस संयुक्त गश्त के दौरान, क्षेत्राधिकारी ने मादक पदार्थों, प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी और संदिग्ध व्यक्तियों के आवागमन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने एसएसबी कमांडेंट और थाना प्रभारी के साथ सीमा चौकियों का निरीक्षण किया और विशेष रूप से हेरोइन, चरस, ब्राउन शुगर जैसी मादक वस्तुओं की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। संदिग्ध वाहनों, पैदल चलने वाले व्यक्तियों और घुसपैठिए तत्वों पर पैनी नजर रखने तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। फरेंदा, महाराजगंज जिले का एक सीमावर्ती क्षेत्र है, जहाँ नेपाल सीमा से सटे घने जंगल और नदी-नाले तस्करों के लिए सक्रिय मार्ग प्रदान करते हैं। यह कार्रवाई भारत सरकार की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है, जो सीमा-पार नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने पर केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा दक्षिण एशिया में नशीले पदार्थों के प्रमुख पारगमन मार्गों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की तस्करी पकड़ी जाती है। हाल ही में महाराजगंज के नौतनवा और सोनौली में इसी प्रकार की कार्रवाइयों से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। फरेंदा में यह संयुक्त गश्त क्षेत्रीय शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। ग्रामीण रामेश्वर प्रसाद ने कहा, “सीमा पर तस्करी से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा था। अब सुरक्षा बलों की सक्रियता से राहत मिलेगी।” एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन निगरानी, डॉग स्क्वॉड और नाइट विजन कैमरों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधि दिखने पर हेल्पलाइन 112 पर सूचना देने की अपील की है।
भारत-नेपाल सीमा पर संयुक्त पेट्रोलिंग: फरेंदा में SSB-पुलिस ने अवैध तस्करी पर कसी नकेल – Pharenda News
महाराजगंज, फरेंदा। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए फरेंदा क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध कुमार ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस बल के साथ संयुक्त गश्त की। यह अभियान मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को शाम 6:30 बजे चलाया गया, जिसका उद्देश्य सीमा पर कड़ी चौकसी सुनिश्चित करना था। इस संयुक्त गश्त के दौरान, क्षेत्राधिकारी ने मादक पदार्थों, प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी और संदिग्ध व्यक्तियों के आवागमन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने एसएसबी कमांडेंट और थाना प्रभारी के साथ सीमा चौकियों का निरीक्षण किया और विशेष रूप से हेरोइन, चरस, ब्राउन शुगर जैसी मादक वस्तुओं की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। संदिग्ध वाहनों, पैदल चलने वाले व्यक्तियों और घुसपैठिए तत्वों पर पैनी नजर रखने तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। फरेंदा, महाराजगंज जिले का एक सीमावर्ती क्षेत्र है, जहाँ नेपाल सीमा से सटे घने जंगल और नदी-नाले तस्करों के लिए सक्रिय मार्ग प्रदान करते हैं। यह कार्रवाई भारत सरकार की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है, जो सीमा-पार नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने पर केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा दक्षिण एशिया में नशीले पदार्थों के प्रमुख पारगमन मार्गों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की तस्करी पकड़ी जाती है। हाल ही में महाराजगंज के नौतनवा और सोनौली में इसी प्रकार की कार्रवाइयों से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। फरेंदा में यह संयुक्त गश्त क्षेत्रीय शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। ग्रामीण रामेश्वर प्रसाद ने कहा, “सीमा पर तस्करी से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा था। अब सुरक्षा बलों की सक्रियता से राहत मिलेगी।” एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन निगरानी, डॉग स्क्वॉड और नाइट विजन कैमरों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधि दिखने पर हेल्पलाइन 112 पर सूचना देने की अपील की है।






































