रिपोर्ट:हेमंत कुमार दुबे।
गोरखपुर | चिल्लूपार के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता विनय शंकर तिवारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गोरखपुर के बड़हलगंज थाने में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बड़हलगंज के चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर की तहरीर पर हुई है, जिन्होंने पूर्व विधायक पर फोन पर जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
विवाद की जड़ एक ‘शिलापट्ट’ (Plaque) है। बताया जा रहा है कि बड़हलगंज के सोती चौराहे पर विकास कार्यों के दौरान पुराने शिलापट्ट की जगह नया शिलापट्ट लगा दिया गया था। चेयरमैन प्रतिनिधि का दावा है कि उन्होंने गलती सुधारते हुए पुराने शिलापट्ट (जो स्व. हरिशंकर तिवारी के समय का था) को ससम्मान वापस लगवाया, लेकिन इस बात को लेकर पूर्व विधायक नाराज हो गए।

खबरों के मुताबिक, महेश उमर ने पुलिस को एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी है, जिसमें पूर्व विधायक उन्हें कथित तौर पर धमका रहे हैं।आरोप हैं कि फोन पर भद्दी गालियां और जान से मारने की धमकी दिया जा रहा हैं।जिसे संज्ञान में लेते हुए बड़हलगंज पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।विनय शंकर तिवारी वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं, जिससे इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है।जहाँ एक तरफ महेश उमर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, वहीं पूर्व विधायक के समर्थकों का मानना है कि यह उनके नेता की विरासत और सम्मान के साथ छेड़छाड़ का नतीजा है। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच में यह ‘ऑडियो’ कितनी सच्चाई बयां करता है।











































