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महाराजगंज में निचलौल बाजार स्थित मदरसा अरबिया अजीजिया मजहरूल उलूम एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। निचलौल तहसील में धारा 25(1) के तहत विचाराधीन एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान मंगलवार को एक पक्ष ने स्टांप पेपर दाखिल किया, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया। दाखिल किए गए स्टांप पेपर में वर्तमान प्रबंधक आबिद अली पर प्रबंध समिति के एक सदस्य को नौकरी का प्रलोभन देने का आरोप लगाया गया है। दस्तावेज में कथित तौर पर उस सदस्य के बेटे को नौकरी देने का भी उल्लेख किया गया है। स्टांप पेपर अदालत में पेश होते ही दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। यह मामला केवल कोर्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कस्बे में भी चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि प्रबंधक आबिद अली ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पूर्व प्रबंधक मोहम्मदुल्लाह से कथित छल-कपट कर मदरसे के प्रबंधन पर कब्जा किया। इसके बाद बायलॉज के विपरीत 15 के स्थान पर 20 सदस्यों वाली प्रबंध समिति का पंजीकरण कराया गया, जिसमें परिवार और करीबी लोगों को शामिल किया गया। नियमों को दरकिनार कर प्रबंधक के बेटे को अहम पद पर बैठाने के भी आरोप सामने आए हैं। इसके साथ ही नियुक्तियों और पदोन्नतियों में योग्यता की अनदेखी, बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने और चंदे के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। जैसे-जैसे मामला अदालत में आगे बढ़ रहा है, मदरसे के प्रबंधन से जुड़े कथित अनैतिक कार्यों का लेखा-जोखा सामने आता जा रहा है। अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं।







































