रुधौली विकासखंड में किसान इन दिनों यूरिया खाद की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। भीषण ठंड और घने कोहरे के बावजूद किसानों को सुबह से ही साधन सहकारी समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन अधिकांश समितियों पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है।नगर पंचायत रुधौली स्थित साधन सहकारी समिति में खाद न होने के कारण ताला लगा मिला। इसके अतिरिक्त, जोधीजोत, पड़री, भितेहरा और सुरवार सहित कई अन्य समितियों पर भी यूरिया खाद का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है। खाद की अनुपलब्धता से किसानों में असंतोष व्याप्त है।परिणामस्वरूप, किसान निजी दुकानों से अधिक कीमत पर यूरिया खाद खरीदने को विवश हैं, जिससे उनकी खेती की लागत बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देती, तो उन्हें इस तरह भटकना नहीं पड़ता।किसान राम सजीवन, अवधू और मोहम्मद जाकिर ने बताया कि चार महीने की कड़ी मेहनत के बाद फसल तैयार होती है, लेकिन न तो उपज का उचित मूल्य मिलता है और न ही समय पर खाद जैसी आवश्यक सामग्री। उनका कहना है कि खेती से जुड़े संसाधनों की कमी किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रही है।किसानों ने प्रशासन से तत्काल यूरिया खाद की आपूर्ति सुनिश्चित कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। उनका उद्देश्य समय पर फसल में खाद डालकर उत्पादन को बचाना है।इस संबंध में सचिव विपिन कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि यूरिया की खेप जल्द ही आने वाली है और किसानों को वितरित की जाएगी।









































