सिद्धार्थनगर के राजमणि इंटर कॉलेज में बुधवार को छात्र-छात्राओं के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने इस जन चौपाल के माध्यम से बच्चों को सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, दबाव या असहज स्थिति में चुप रहना समाधान नहीं है। उन्होंने बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। प्रसाद ने जोर देकर कहा कि जागरूकता ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है। कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थानों जैसे बाजार, चौराहे, स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में होने वाली अभद्र टिप्पणियों, पीछा करने और अशोभनीय व्यवहार से बचने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। छात्रों को बताया गया कि सतर्कता और समय पर शिकायत दर्ज कराने से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सकती है। अपर पुलिस अधीक्षक ने नई व्यवस्थाओं के तहत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, तकनीक के माध्यम से मिलने वाली त्वरित सहायता और पीड़ितों को उपलब्ध सहयोग के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिसके लिए सभी को जागरूक और सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इस कार्यक्रम में लगभग 80 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें विद्यालय के शिक्षक और प्रधानाचार्य भी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के भीतर के डर को दूर करते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित करते हैं। प्रधानाचार्य ने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। इस कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अपने सवाल पूछे और अनुभव साझा किए। बच्चों की सक्रिय भागीदारी और आत्मविश्वास ने यह दर्शाया कि इस प्रकार की जागरूकता पहलें केवल स्कूल तक सीमित न रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रख रही हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक ने छात्रों को किया जागरूक:सिद्धार्थनगर के राजमणि इंटर कॉलेज में सुरक्षा संवाद
सिद्धार्थनगर के राजमणि इंटर कॉलेज में बुधवार को छात्र-छात्राओं के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने इस जन चौपाल के माध्यम से बच्चों को सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, दबाव या असहज स्थिति में चुप रहना समाधान नहीं है। उन्होंने बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। प्रसाद ने जोर देकर कहा कि जागरूकता ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है। कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थानों जैसे बाजार, चौराहे, स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में होने वाली अभद्र टिप्पणियों, पीछा करने और अशोभनीय व्यवहार से बचने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। छात्रों को बताया गया कि सतर्कता और समय पर शिकायत दर्ज कराने से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सकती है। अपर पुलिस अधीक्षक ने नई व्यवस्थाओं के तहत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, तकनीक के माध्यम से मिलने वाली त्वरित सहायता और पीड़ितों को उपलब्ध सहयोग के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिसके लिए सभी को जागरूक और सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इस कार्यक्रम में लगभग 80 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें विद्यालय के शिक्षक और प्रधानाचार्य भी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के भीतर के डर को दूर करते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित करते हैं। प्रधानाचार्य ने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। इस कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अपने सवाल पूछे और अनुभव साझा किए। बच्चों की सक्रिय भागीदारी और आत्मविश्वास ने यह दर्शाया कि इस प्रकार की जागरूकता पहलें केवल स्कूल तक सीमित न रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रख रही हैं।








































