शोहरतगढ़ तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित तहसील दिवस की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ज्ञान प्रकाश यादव ने की। इस दौरान कुल 45 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से राजस्व विभाग से संबंधित 4 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित समस्याओं की समीक्षा करना और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करना था। तहसील दिवस में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) विवेकानंद मिश्र, तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, नायब तहसीलदार महबूब अंसारी और खंड विकास अधिकारी चंद्रभूषण तिवारी सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। एडीएम ज्ञान प्रकाश यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों पर केवल कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी, बल्कि ठोस समाधान की प्रगति दिखनी चाहिए। एडीएम ने सभी विभागीय प्रतिनिधियों से अलग-अलग मामलों की स्थिति पूछी और देरी पर नाराजगी व्यक्त की। तहसील दिवस में कई फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें रामकिशोर मालगांव और राम केवल सूरजकुडिया खतौनी में नाम सही करने, लव कुश कानुवाडिह ग्राम समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटाने, अशरफ अली धंधरा खेत की पैमाइश और धर्मराज खुनूवा जमीन से अवैध कब्जा हटवाने संबंधी शिकायतें प्रमुख थीं। कुल 45 शिकायतों में से 40 राजस्व, 1 पुलिस, 1 नहर, 1 आपूर्ति और 2 विद्युत विभाग से संबंधित थीं। एडीएम ने प्रत्येक शिकायत को दर्ज कराते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगली बैठक में पुराने मामलों की पुनरावृत्ति दिखी तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तहसील दिवस दोपहर लगभग 2 बजे तक चला। सुनवाई के बाद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि समाधान ही प्राथमिकता है, केवल रिपोर्ट प्रस्तुत करना नहीं। प्रशासन ने अगले तहसील दिवस में इन शिकायतों पर हुई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है।
शोहरतगढ़ तहसील दिवस में 45 शिकायतें मिलीं:एडीएम ने की अध्यक्षता, 4 राजस्व मामले निपटे
शोहरतगढ़ तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित तहसील दिवस की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ज्ञान प्रकाश यादव ने की। इस दौरान कुल 45 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से राजस्व विभाग से संबंधित 4 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित समस्याओं की समीक्षा करना और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करना था। तहसील दिवस में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) विवेकानंद मिश्र, तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, नायब तहसीलदार महबूब अंसारी और खंड विकास अधिकारी चंद्रभूषण तिवारी सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। एडीएम ज्ञान प्रकाश यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों पर केवल कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी, बल्कि ठोस समाधान की प्रगति दिखनी चाहिए। एडीएम ने सभी विभागीय प्रतिनिधियों से अलग-अलग मामलों की स्थिति पूछी और देरी पर नाराजगी व्यक्त की। तहसील दिवस में कई फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें रामकिशोर मालगांव और राम केवल सूरजकुडिया खतौनी में नाम सही करने, लव कुश कानुवाडिह ग्राम समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटाने, अशरफ अली धंधरा खेत की पैमाइश और धर्मराज खुनूवा जमीन से अवैध कब्जा हटवाने संबंधी शिकायतें प्रमुख थीं। कुल 45 शिकायतों में से 40 राजस्व, 1 पुलिस, 1 नहर, 1 आपूर्ति और 2 विद्युत विभाग से संबंधित थीं। एडीएम ने प्रत्येक शिकायत को दर्ज कराते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगली बैठक में पुराने मामलों की पुनरावृत्ति दिखी तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तहसील दिवस दोपहर लगभग 2 बजे तक चला। सुनवाई के बाद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि समाधान ही प्राथमिकता है, केवल रिपोर्ट प्रस्तुत करना नहीं। प्रशासन ने अगले तहसील दिवस में इन शिकायतों पर हुई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है।





































