बहराइच के नवाबगंज क्षेत्र में स्थित बाबा बलदेव दास मंदिर जमोग चरदा में हिंदू समाज द्वारा एक विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। शनिवार को हुए इस आयोजन में कथावाचक वीरेंद्र गिरी जी महाराज मुख्य अतिथि रहे। वीरेंद्र गिरी जी महाराज ने अपने संबोधन में हिंदू समाज को संगठित और एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने मस्जिद, मदरसा और मिशनरियों से सतर्क रहने की बात कही। महाराज ने सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए पहले स्वयं में परिवर्तन लाना होगा। महाराज ने चिंता व्यक्त की कि समाज में लोग एक साथ बैठकर खान-पान तक नहीं करते, जिससे आपसी दूरी बढ़ रही है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक स्वयं में बदलाव नहीं आएगा, समाज को संगठित करना संभव नहीं है। अवध प्रांत के धर्म जागरण प्रमुख सुरेंद्र जी ने भारत में हिंदू समाज की सुरक्षा के सामने आ रही चुनौतियों का मूल कारण सामाजिक भेदभाव और आपसी बिखराव को बताया। उन्होंने सनातन धर्म के लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन में विशेष रूप से आगाह किया गया कि जहां मस्जिद, मदरसा बन रहे हों या मिशनरी के लोग दिखाई दे रहे हों, वहां सावधान रहने की जरूरत है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अन्यथा इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। राष्ट्र गुरु धर्म गुरु नेपाल श्री चंद्र नाथ योगी जी महाराज ने सनातनियों को संगठित होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है, और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति है। इस अवसर पर संयोजक डॉ. शिवेंद्र, सह संयोजक अतुल सिंह, मनीष पांडेय, अनूप मिश्रा, आशीष पांडे, अरुण पाठक, कल्लू सिंह, आशीष त्रिपाठी, राजकुमार गुप्ता, नरेंद्र कुमार वर्मा, जितेंद्र कुमार, राजकुमार सिंह, अरुण सिंह, ब्लॉक प्रमुख नवाबगंज जयप्रकाश सिंह और रूपैडिहा चेयरमैन उमा शंकर कसौंधन सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
नानपारा में विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित: एकता और संगठित रहने पर जोर, चुनौतियों पर बयान – Nanpara News
बहराइच के नवाबगंज क्षेत्र में स्थित बाबा बलदेव दास मंदिर जमोग चरदा में हिंदू समाज द्वारा एक विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। शनिवार को हुए इस आयोजन में कथावाचक वीरेंद्र गिरी जी महाराज मुख्य अतिथि रहे। वीरेंद्र गिरी जी महाराज ने अपने संबोधन में हिंदू समाज को संगठित और एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने मस्जिद, मदरसा और मिशनरियों से सतर्क रहने की बात कही। महाराज ने सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए पहले स्वयं में परिवर्तन लाना होगा। महाराज ने चिंता व्यक्त की कि समाज में लोग एक साथ बैठकर खान-पान तक नहीं करते, जिससे आपसी दूरी बढ़ रही है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक स्वयं में बदलाव नहीं आएगा, समाज को संगठित करना संभव नहीं है। अवध प्रांत के धर्म जागरण प्रमुख सुरेंद्र जी ने भारत में हिंदू समाज की सुरक्षा के सामने आ रही चुनौतियों का मूल कारण सामाजिक भेदभाव और आपसी बिखराव को बताया। उन्होंने सनातन धर्म के लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन में विशेष रूप से आगाह किया गया कि जहां मस्जिद, मदरसा बन रहे हों या मिशनरी के लोग दिखाई दे रहे हों, वहां सावधान रहने की जरूरत है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अन्यथा इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। राष्ट्र गुरु धर्म गुरु नेपाल श्री चंद्र नाथ योगी जी महाराज ने सनातनियों को संगठित होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है, और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति है। इस अवसर पर संयोजक डॉ. शिवेंद्र, सह संयोजक अतुल सिंह, मनीष पांडेय, अनूप मिश्रा, आशीष पांडे, अरुण पाठक, कल्लू सिंह, आशीष त्रिपाठी, राजकुमार गुप्ता, नरेंद्र कुमार वर्मा, जितेंद्र कुमार, राजकुमार सिंह, अरुण सिंह, ब्लॉक प्रमुख नवाबगंज जयप्रकाश सिंह और रूपैडिहा चेयरमैन उमा शंकर कसौंधन सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।






































