बलरामपुर की सरजू नहर खंड के तहत आने वाली डोकम बलुआ माइनर नहर कई वर्षों से सूखी पड़ी है। हर साल की तरह इस वर्ष भी नहर की सफाई कराई गई, लेकिन इसके अंतिम छोर (टेल) तक पानी नहीं पहुंच पाया है, जिससे किसान परेशान हैं। जूनियर इंजीनियर बृजेश सिंह ने दूरभाष पर बताया कि वे साइट पर जा रहे हैं और स्थिति का जायजा लेंगे। इस नहर से हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई होती है। पानी न मिलने के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद नहर में पानी नहीं आ रहा है। पानी की कमी के कारण किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए बोरिंग और तालाबों का सहारा लेने को मजबूर हैं। इससे उनकी कृषि लागत बढ़ रही है और सिंचाई में भी अधिक समय लग रहा है। किसान राम पाल ने बताया कि नहर की सफाई हर साल होती है, लेकिन पानी कभी नहीं आता। किसान ज्ञान दास ने मांग की कि नहर विभाग के कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पानी टेल तक पहुंचे। किसान शुद्धू ने आरोप लगाया कि नहर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी केवल सफाई के नाम पर टेंडर जारी कर लाखों रुपए बर्बाद कर रहे हैं। डोकम, चोरथरी, खुखुड़ी, बलुआ, मल्हवार और सोनबरसा सहित कई गांवों के किसानों में इस स्थिति को लेकर गहरा रोष है। किसानों का कहना है कि नहर विभाग उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बलरामपुर की डोकम बलुआ माइनर नहर में नहीं पहुंचा पानी:सफाई पर लाखों खर्च के बावजूद कई वर्षों से सूखी पड़ी, किसान परेशान
बलरामपुर की सरजू नहर खंड के तहत आने वाली डोकम बलुआ माइनर नहर कई वर्षों से सूखी पड़ी है। हर साल की तरह इस वर्ष भी नहर की सफाई कराई गई, लेकिन इसके अंतिम छोर (टेल) तक पानी नहीं पहुंच पाया है, जिससे किसान परेशान हैं। जूनियर इंजीनियर बृजेश सिंह ने दूरभाष पर बताया कि वे साइट पर जा रहे हैं और स्थिति का जायजा लेंगे। इस नहर से हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई होती है। पानी न मिलने के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद नहर में पानी नहीं आ रहा है। पानी की कमी के कारण किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए बोरिंग और तालाबों का सहारा लेने को मजबूर हैं। इससे उनकी कृषि लागत बढ़ रही है और सिंचाई में भी अधिक समय लग रहा है। किसान राम पाल ने बताया कि नहर की सफाई हर साल होती है, लेकिन पानी कभी नहीं आता। किसान ज्ञान दास ने मांग की कि नहर विभाग के कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पानी टेल तक पहुंचे। किसान शुद्धू ने आरोप लगाया कि नहर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी केवल सफाई के नाम पर टेंडर जारी कर लाखों रुपए बर्बाद कर रहे हैं। डोकम, चोरथरी, खुखुड़ी, बलुआ, मल्हवार और सोनबरसा सहित कई गांवों के किसानों में इस स्थिति को लेकर गहरा रोष है। किसानों का कहना है कि नहर विभाग उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।



































