नई बाजार बस्ती स्थित आर्य समाज के सत्संग भवन में मौनी अमावस्या के अवसर पर वैदिक यज्ञ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ। योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय के ब्रह्मत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर आर्य समाज नई बाजार बस्ती के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने मौनी अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पर्व आत्मशुद्धि, संयम और साधना का प्रतीक है। उनके अनुसार, मौन, ध्यान और यज्ञ करने से मन की चंचलता शांत होती है, जिससे व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैदिक यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम के दौरान कुमारी नयना मोदनवाल का जन्मदिवस भी मनाया गया। यज्ञ के माध्यम से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। सत्संग में आर्य समाज के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने वैदिक यज्ञ में सहभागिता कर धर्म, संस्कार और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर अनूप कुमार त्रिपाठी, रजनी मिश्रा, रत्नेश मिश्र, नवल किशोर चौधरी, नीतीश कुमार, दृष्टि मोदनवाल, परी, पुनीत राज, उपेन्द्र आर्य, रिमझिम गौतम, राजेश्वरी गौतम, महिमा आर्य, विश्वनाथ आर्य, धर्मेन्द्र कुमार, गणेश आर्य और पल्लवी सहित कई प्रमुख लोग सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।






































