डुमरियागंज विकास खंड के वासाचक ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आने पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम प्रधान को रिकवरी व विभागीय कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई से ब्लॉक कर्मियों में हड़कंप मच गया है। यह मामला डुमरियागंज विकास खंड के वासाचक निवासी अदनान अहमद की शिकायत के बाद सामने आया। अदनान ने जिलाधिकारी के समक्ष शपथ पत्र देकर गांव में मनरेगा के तहत कराए गए चार कार्यों में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और ग्रामवासियों की मौजूदगी में चारों कार्यों की जांच की गई। टीम ने अभिलेखों का सत्यापन कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कुल 7,66,119 रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, पहले कार्य (मजार से नहर तक कृषि बंदी मिट्टी कार्य) में 2,97,276 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। दूसरे कार्य (बिस्मिल के घर से अख्तर जावेद का घर होते हुए दिलदार के घर तक कृषि बंदी मिट्टी कार्य) में 80,907 रुपये की अनियमितता सामने आई। तीसरे कार्य (नसीम के घर से देईपार सरहद तक कृषि बंदी कार्य) में 700 मीटर का भुगतान हुआ था, जबकि मौके पर केवल 150 मीटर लंबाई ही मिली, जिससे 2,05,500 रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई। इसी प्रकार, चौथे कार्य (अफजल के खेत से घोले तक कृषि बंदी मिट्टी कार्य) में 1,62,436 रुपये की अनियमितता की गई। इन अनियमितताओं के आधार पर तकनीकी सहायक लाल बहादुर मिश्रा पर 2,55,373 रुपये की वसूली और विभागीय कार्रवाई के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार कार्यालय से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ग्राम पंचायत सचिव विनीत सिंह और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव विजय कुमार पाल पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से प्रत्येक पर 1,27,686 रुपये की वसूली और विभागीय कार्रवाई हेतु कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। ग्राम प्रधान को जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। यदि प्रधान स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तो उनके वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाकर ग्राम पंचायत के संचालन के लिए निर्वाचित सदस्यों में से तीन सदस्यों की समिति गठित कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
डीएम के आदेश पर सचिव, टीए, प्रधान को नोटिस:डुमरियागंज में मनरेगा कार्यों में 7.66 लाख की वित्तीय अनियमितता
डुमरियागंज विकास खंड के वासाचक ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आने पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम प्रधान को रिकवरी व विभागीय कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई से ब्लॉक कर्मियों में हड़कंप मच गया है। यह मामला डुमरियागंज विकास खंड के वासाचक निवासी अदनान अहमद की शिकायत के बाद सामने आया। अदनान ने जिलाधिकारी के समक्ष शपथ पत्र देकर गांव में मनरेगा के तहत कराए गए चार कार्यों में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और ग्रामवासियों की मौजूदगी में चारों कार्यों की जांच की गई। टीम ने अभिलेखों का सत्यापन कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कुल 7,66,119 रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, पहले कार्य (मजार से नहर तक कृषि बंदी मिट्टी कार्य) में 2,97,276 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। दूसरे कार्य (बिस्मिल के घर से अख्तर जावेद का घर होते हुए दिलदार के घर तक कृषि बंदी मिट्टी कार्य) में 80,907 रुपये की अनियमितता सामने आई। तीसरे कार्य (नसीम के घर से देईपार सरहद तक कृषि बंदी कार्य) में 700 मीटर का भुगतान हुआ था, जबकि मौके पर केवल 150 मीटर लंबाई ही मिली, जिससे 2,05,500 रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई। इसी प्रकार, चौथे कार्य (अफजल के खेत से घोले तक कृषि बंदी मिट्टी कार्य) में 1,62,436 रुपये की अनियमितता की गई। इन अनियमितताओं के आधार पर तकनीकी सहायक लाल बहादुर मिश्रा पर 2,55,373 रुपये की वसूली और विभागीय कार्रवाई के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार कार्यालय से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ग्राम पंचायत सचिव विनीत सिंह और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव विजय कुमार पाल पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से प्रत्येक पर 1,27,686 रुपये की वसूली और विभागीय कार्रवाई हेतु कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। ग्राम प्रधान को जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। यदि प्रधान स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तो उनके वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाकर ग्राम पंचायत के संचालन के लिए निर्वाचित सदस्यों में से तीन सदस्यों की समिति गठित कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।










































