पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति की निचलौल शाखा ने 18 मार्च 2026 को रेगहिया नवका टोला में बाल श्रम मुक्त गांव बनाने हेतु एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया। आशा उर्मिला तिवारी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। समिति की सिस्टर जगरानी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 तक राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में, निचलौल ब्लॉक के सीमाई क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में ग्राम सभा सदस्यों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में बाल श्रम के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है और सभी से बाल श्रम रोकने की अपील की जा रही है। उपस्थित ग्राम सभा सदस्यों को बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के महत्व पर जोर दिया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि यदि कहीं बाल श्रम की सूचना मिलती है, तो इसकी जानकारी पंचायत, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस को दी जानी चाहिए। बाल संरक्षण कार्यकर्ती साधना देवी ने कहा कि बच्चों के परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने से बाल श्रम में कमी आएगी। एक अन्य बाल संरक्षण कार्यकर्ती मेनका देवी ने बताया कि उनकी संस्था समुदाय आधारित संगठनों के माध्यम से हर स्तर पर लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जनपद स्तर पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो बाल श्रम की रोकथाम और पुनर्वासन के क्षेत्र में कार्य कर रही है। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और बाल श्रम की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर रेगहिया के ग्राम प्रधान नरेंद्र चौधरी, गांव के ग्रामीण, सिस्टर जगरानी, साधना देवी, मेनका देवी, आशा उर्मिला तिवारी सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
रेगहिया में बाल श्रम मुक्ति पर जागरूकता बैठक: समिति ने बाल श्रम रोकने और चाइल्डलाइन नंबर की जानकारी दी – Bahuar(Nichlaul) News
पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति की निचलौल शाखा ने 18 मार्च 2026 को रेगहिया नवका टोला में बाल श्रम मुक्त गांव बनाने हेतु एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया। आशा उर्मिला तिवारी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। समिति की सिस्टर जगरानी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 तक राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में, निचलौल ब्लॉक के सीमाई क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में ग्राम सभा सदस्यों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में बाल श्रम के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है और सभी से बाल श्रम रोकने की अपील की जा रही है। उपस्थित ग्राम सभा सदस्यों को बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के महत्व पर जोर दिया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि यदि कहीं बाल श्रम की सूचना मिलती है, तो इसकी जानकारी पंचायत, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस को दी जानी चाहिए। बाल संरक्षण कार्यकर्ती साधना देवी ने कहा कि बच्चों के परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने से बाल श्रम में कमी आएगी। एक अन्य बाल संरक्षण कार्यकर्ती मेनका देवी ने बताया कि उनकी संस्था समुदाय आधारित संगठनों के माध्यम से हर स्तर पर लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जनपद स्तर पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो बाल श्रम की रोकथाम और पुनर्वासन के क्षेत्र में कार्य कर रही है। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और बाल श्रम की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर रेगहिया के ग्राम प्रधान नरेंद्र चौधरी, गांव के ग्रामीण, सिस्टर जगरानी, साधना देवी, मेनका देवी, आशा उर्मिला तिवारी सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।






































