पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र के एकमा गांव में ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति 35 साल बाद साधु के वेश में घर लौटा और अपनी पत्नी और बेटों से 2.70 लाख रुपए ठगकर फरार हो गया। पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। एकमा लक्ष्मीपुर निवासी गीता देवी ने पुरन्दरपुर थाने में दी तहरीर में बताया कि उनके पति बालमुकुंद जायसवाल शादी के कुछ साल बाद ही घर से चले गए थे। करीब 35 साल बाद, 1 जनवरी को वह अचानक साधु-संत की वेशभूषा में लक्ष्मीपुर स्थित अपने घर पहुंचे। परिवार के लोग उन्हें देखकर बहुत खुश हुए। बालमुकुंद केवल तीन दिन घर पर रहे। इस दौरान उन्होंने परिजनों से ढाई लाख रुपए यह कहकर मांगे कि वह कलकत्ता में एक यज्ञ करा रहे हैं, जिसमें काफी खर्च आ रहा है। उन्होंने वादा किया कि यज्ञ के बाद उन्हें 45 लाख रुपए मिलेंगे, जिसे वह परिवार को सौंप देंगे। पति के झांसे में आकर गीता देवी, उनके बेटे गोविंद और बहू रेनू ने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से मदद लेकर बालमुकुंद को ढाई लाख रुपए दिए। कुछ दिनों बाद, उन्होंने मोबाइल के माध्यम से 20 हजार रुपए और भेजे। इस प्रकार कुल 2 लाख 70 हजार रुपये लेने के बाद साधु बने बालमुकुंद ने अपना मोबाइल बंद कर लिया और अब उनका कोई पता नहीं चल रहा है। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़िता गीता देवी ने पुलिस का सहारा लिया है और कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में पुरन्दरपुर थाना निरीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि उन्हें तहरीर मिल गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
35 साल बाद साधु वेश में लौटा पति: पुरन्दरपुर में पत्नी से 2.70 लाख रुपए ठगकर हुआ फरार; थाने में तहरीर दी – Mohanapur Dhala(Nautanwa) News
पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र के एकमा गांव में ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति 35 साल बाद साधु के वेश में घर लौटा और अपनी पत्नी और बेटों से 2.70 लाख रुपए ठगकर फरार हो गया। पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। एकमा लक्ष्मीपुर निवासी गीता देवी ने पुरन्दरपुर थाने में दी तहरीर में बताया कि उनके पति बालमुकुंद जायसवाल शादी के कुछ साल बाद ही घर से चले गए थे। करीब 35 साल बाद, 1 जनवरी को वह अचानक साधु-संत की वेशभूषा में लक्ष्मीपुर स्थित अपने घर पहुंचे। परिवार के लोग उन्हें देखकर बहुत खुश हुए। बालमुकुंद केवल तीन दिन घर पर रहे। इस दौरान उन्होंने परिजनों से ढाई लाख रुपए यह कहकर मांगे कि वह कलकत्ता में एक यज्ञ करा रहे हैं, जिसमें काफी खर्च आ रहा है। उन्होंने वादा किया कि यज्ञ के बाद उन्हें 45 लाख रुपए मिलेंगे, जिसे वह परिवार को सौंप देंगे। पति के झांसे में आकर गीता देवी, उनके बेटे गोविंद और बहू रेनू ने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से मदद लेकर बालमुकुंद को ढाई लाख रुपए दिए। कुछ दिनों बाद, उन्होंने मोबाइल के माध्यम से 20 हजार रुपए और भेजे। इस प्रकार कुल 2 लाख 70 हजार रुपये लेने के बाद साधु बने बालमुकुंद ने अपना मोबाइल बंद कर लिया और अब उनका कोई पता नहीं चल रहा है। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़िता गीता देवी ने पुलिस का सहारा लिया है और कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में पुरन्दरपुर थाना निरीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि उन्हें तहरीर मिल गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है।








































