गन्ना विकास परिषद गडौरा निचलौल ने बुधवार को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत एक वृहद गन्ना कृषक गोष्ठी और किसान मेले का आयोजन किया। निचलौल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार के लिए जागरूक करना था। इसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। किसान मेले में विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों के स्टॉल लगाए गए थे। विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ने की नवीन प्रजातियों और सहफसली खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वैदिक खेती प्राकृतिक खेती के निदेशक रामगोपाल पटेल ने नैनो उर्वरक की अद्वितीय क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह सामान्य उर्वरकों की तुलना में कई गुना अधिक लाभकारी है और इसके प्रयोग से फसल तथा खेत को होने वाले नुकसान कम होते हैं। इफ्को के एरिया मैनेजर विनोद मौर्य और कृषि विज्ञान केंद्र बसुली के डॉ. दिनेश यादव ने भी किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी। जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक तेज प्रताप सिंह ने कहा कि नैनो उर्वरक किसानों के जीवन में बदलाव ला रहा है और यह स्वच्छ व हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देता है। बुलाकी यादव ने किसानों को गन्ना प्रजाति को० 16202, को० 18231, को० 7451 और पानी सहन करने वाली सामान्य प्रजाति कोश 10239 की समय पर बुवाई करके अधिक उपज लेने की सलाह दी। किसानों ने फसल उत्पादन को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों से प्रश्न पूछे और नैनो उर्वरक के सही उपयोग की विधि जानी। इस अवसर पर महेंद्र राय, अरविंद पांडेय, उमाशंकर पाल, अंगद मिश्रा, रिंकू पांडेय, मिथलेश कुशवाहा, रामाश्रय गुप्ता, रामबचन मौर्य, धर्मेंद्र, रुद्रदेव, नंदलाल यादव सहित कई प्रगतिशील गन्ना किसान मौजूद रहे।
निचलौल में गन्ना किसान गोष्ठी का आयोजन: सहफसली खेती और नैनो उर्वरक पर दी गई जानकारी – Bahuar(Nichlaul) News
गन्ना विकास परिषद गडौरा निचलौल ने बुधवार को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत एक वृहद गन्ना कृषक गोष्ठी और किसान मेले का आयोजन किया। निचलौल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार के लिए जागरूक करना था। इसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। किसान मेले में विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों के स्टॉल लगाए गए थे। विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ने की नवीन प्रजातियों और सहफसली खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वैदिक खेती प्राकृतिक खेती के निदेशक रामगोपाल पटेल ने नैनो उर्वरक की अद्वितीय क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह सामान्य उर्वरकों की तुलना में कई गुना अधिक लाभकारी है और इसके प्रयोग से फसल तथा खेत को होने वाले नुकसान कम होते हैं। इफ्को के एरिया मैनेजर विनोद मौर्य और कृषि विज्ञान केंद्र बसुली के डॉ. दिनेश यादव ने भी किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी। जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक तेज प्रताप सिंह ने कहा कि नैनो उर्वरक किसानों के जीवन में बदलाव ला रहा है और यह स्वच्छ व हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देता है। बुलाकी यादव ने किसानों को गन्ना प्रजाति को० 16202, को० 18231, को० 7451 और पानी सहन करने वाली सामान्य प्रजाति कोश 10239 की समय पर बुवाई करके अधिक उपज लेने की सलाह दी। किसानों ने फसल उत्पादन को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों से प्रश्न पूछे और नैनो उर्वरक के सही उपयोग की विधि जानी। इस अवसर पर महेंद्र राय, अरविंद पांडेय, उमाशंकर पाल, अंगद मिश्रा, रिंकू पांडेय, मिथलेश कुशवाहा, रामाश्रय गुप्ता, रामबचन मौर्य, धर्मेंद्र, रुद्रदेव, नंदलाल यादव सहित कई प्रगतिशील गन्ना किसान मौजूद रहे।








































