श्रावस्ती जनपद के नासिरगंज कस्बे में शुक्रवार शाम एक अकीदतमंद मजलिस का आयोजन किया गया। इसमें नासिरगंज और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आज़ादारों ने शिरकत की और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए मातम किया। मजलिस को खिताब करते हुए अम्मार रिज़वी साहब ने कर्बला की दास्तान बयान की। उन्होंने इमाम हुसैन इब्ने अली (अ.स.) और उनके 72 वफ़ादार साथियों की बेमिसाल कुर्बानी को याद किया। रिज़वी साहब ने बताया कि इमाम हुसैन (अ.स.) ने कर्बला में हक और इंसाफ की राह में इस्लाम की हिफाजत के लिए अपने परिवार और साथियों के साथ शहादत दी। यह कुर्बानी इंसानियत, सब्र और सच्चाई का पैगाम देती है। मजलिस के दौरान ‘या हुसैन’ के नारों के साथ अज़ादारी की गई। यह आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।






































