महराजगंज में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान जनपद में संचालित विभिन्न पोषण एवं महिला-बाल विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक में बाल वाटिका, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, गंभीर कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की पहचान, उपचार तथा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति, एलईडी स्थापना, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, आंगनबाड़ी भवन निर्माण और टीएचआर (Take Home Ration) के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक आहार वितरण की भी समीक्षा की गई। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में कायाकल्प कार्य शुरू न होने पर जिलाधिकारी ने डीपीओ और सीडीपीओ के जानकारी के अभाव पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर कार्य प्रारंभ कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। भवन निर्माण में विलंब होने पर कार्यदायी संस्था और ग्राम प्रधान को उत्तरदायी मानते हुए नोटिस जारी करने को भी कहा गया। पूर्ण सक्षम केंद्रों पर एलईडी न लगाए जाने पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को आधार कार्ड की मोबाइल ई-केवाईसी कराते हुए टीएचआर वितरण के फेस काउंटर को शत-प्रतिशत तक बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और देय लाभ में विलंब पर तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने तथा प्रथम प्रसव पर मिलने वाला लाभ शीघ्र दिलाने पर जोर दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन, लंबाई और पोषण स्थिति के अद्यतन आंकड़े समय से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। सैम और मैम बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में लापरवाही पाए जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री से लेकर सीडीपीओ तक की जवाबदेही तय करने की चेतावनी भी दी गई। बैठक में महेंद्र कुमार सिंह, बी.एन. कन्नौजिया, मोहम्मद जाकिर, गौरव सिंह, दुर्गेश कुमार, श्रेया मिश्रा, त्रिध्दि पाण्डेय सहित समस्त सीडीपीओ एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
महराजगंज में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक: योजनाओं की प्रगति पर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश – Pipra Khem(Maharajganj sadar) News
महराजगंज में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान जनपद में संचालित विभिन्न पोषण एवं महिला-बाल विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक में बाल वाटिका, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, गंभीर कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की पहचान, उपचार तथा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति, एलईडी स्थापना, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, आंगनबाड़ी भवन निर्माण और टीएचआर (Take Home Ration) के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक आहार वितरण की भी समीक्षा की गई। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में कायाकल्प कार्य शुरू न होने पर जिलाधिकारी ने डीपीओ और सीडीपीओ के जानकारी के अभाव पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर कार्य प्रारंभ कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। भवन निर्माण में विलंब होने पर कार्यदायी संस्था और ग्राम प्रधान को उत्तरदायी मानते हुए नोटिस जारी करने को भी कहा गया। पूर्ण सक्षम केंद्रों पर एलईडी न लगाए जाने पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को आधार कार्ड की मोबाइल ई-केवाईसी कराते हुए टीएचआर वितरण के फेस काउंटर को शत-प्रतिशत तक बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और देय लाभ में विलंब पर तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने तथा प्रथम प्रसव पर मिलने वाला लाभ शीघ्र दिलाने पर जोर दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन, लंबाई और पोषण स्थिति के अद्यतन आंकड़े समय से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। सैम और मैम बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में लापरवाही पाए जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री से लेकर सीडीपीओ तक की जवाबदेही तय करने की चेतावनी भी दी गई। बैठक में महेंद्र कुमार सिंह, बी.एन. कन्नौजिया, मोहम्मद जाकिर, गौरव सिंह, दुर्गेश कुमार, श्रेया मिश्रा, त्रिध्दि पाण्डेय सहित समस्त सीडीपीओ एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








