नगर पंचायत भारत भारी क्षेत्र अंतर्गत मनोहरपुर से जमौता गांव को जोड़ने वाला लगभग एक किलो मीटर लंबा मार्ग जर्जर हालत में है। इस कारण राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है, साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। यह मार्ग जमौता सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुख्य संपर्क सड़क है, जिसका उपयोग लोग बाजार, अस्पताल और विद्यालयों तक पहुंचने के लिए करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्से पूरी तरह टूट चुके हैं। इससे वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ता है। साइकिल और बाइक सवारों के लिए यह मार्ग विशेष रूप से खतरनाक है, क्योंकि फिसलन और असंतुलन के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भी इस मार्ग से गुजरने में काफी कठिनाई होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। बरसात के समय पानी से गड्ढे भर जाने के कारण वाहन चालक उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसों की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। ग्रामीण जमील अहमद, महेश कुमार, आयाज अहमद और राम करन ने बताया कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को सड़क की बदहाली से अवगत कराया है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं किया गया है। दर्जनों ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने और मनोहरपुर से जमौता को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम हो सके।
मनोहरपुर से जमौता को जोड़ने वाला मार्ग बदहाल एवं जर्जर:राहगीरों को आवागमन में हो रही परेशानी, दुर्घटना का खतरा बढ़ा
नगर पंचायत भारत भारी क्षेत्र अंतर्गत मनोहरपुर से जमौता गांव को जोड़ने वाला लगभग एक किलो मीटर लंबा मार्ग जर्जर हालत में है। इस कारण राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है, साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। यह मार्ग जमौता सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुख्य संपर्क सड़क है, जिसका उपयोग लोग बाजार, अस्पताल और विद्यालयों तक पहुंचने के लिए करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्से पूरी तरह टूट चुके हैं। इससे वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ता है। साइकिल और बाइक सवारों के लिए यह मार्ग विशेष रूप से खतरनाक है, क्योंकि फिसलन और असंतुलन के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भी इस मार्ग से गुजरने में काफी कठिनाई होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। बरसात के समय पानी से गड्ढे भर जाने के कारण वाहन चालक उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसों की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। ग्रामीण जमील अहमद, महेश कुमार, आयाज अहमद और राम करन ने बताया कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को सड़क की बदहाली से अवगत कराया है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं किया गया है। दर्जनों ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने और मनोहरपुर से जमौता को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम हो सके।





































