बस्ती के कप्तानगंज ब्लॉक भवन जर्जर:अधिकारी-कर्मचारी असुरक्षित इमारतों में काम करने को मजबूर

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बस्ती जिले के कप्तानगंज विकासखंड परिसर में स्थित कॉलोनी और कार्यालय भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। जिन भवनों से गांवों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित होती हैं, वही अब खुद बदहाली का शिकार हैं। इन भवनों की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गई हैं, छत से प्लास्टर गिर रहा है और पूरी संरचना कमजोर हो चुकी है। यह स्थिति किसी भी समय एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिससे जान-माल का नुकसान होने का खतरा है। विशेषकर बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। छत से लगातार पानी टपकता है, जिससे कमरों में पानी भर जाता है। महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें और दस्तावेज भीगकर खराब हो जाते हैं, जिससे न केवल कामकाज प्रभावित होता है बल्कि रिकॉर्ड नष्ट होने का भी खतरा बना रहता है। स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि जर्जर भवन में बैठकर काम करना अब जान जोखिम में डालने जैसा है। उनका मानना है कि यदि कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) उदय भान उपाध्याय ने बताया कि संबंधित भवन को पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है और नए भवन निर्माण या मरम्मत के लिए प्रस्ताव भी प्रेषित किया गया है। सवाल यह उठता है कि जब भवन को जर्जर घोषित किया जा चुका है, तो फिर अधिकारियों और कर्मचारियों को उसी असुरक्षित भवन में बैठकर काम करने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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