सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज से भाजपा के पूर्व विधायक एक बार फिर से विवाद के घेरे में हैं। डुमरियागंज में आयोजित एक कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने पहलवानों का ”खतना” चेक करने की बात कही। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। दरअसल राघवेंद्र प्रताप की ओर से डुमरियागंज में कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन कराया जा रहा है। आयोजन के तीसरे दिन दो पहलवानों के बीच झगड़ा हो गया। देखते ही देखते कई पहलवान तक चढ़ आए। मामला बढ़ता देख राघवेंद्र प्रताप ने माइक थाम लिया। पहले तो पहलवानों को समझाने की कोशिश की। इसके बाद कुछ पहलवानों का खतना चेक कराने की बात कहने लगे। वे आयोजन के दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच मंच से माइक पकड़कर स्थानीय थाना प्रभारी और अपने प्रतिनिधि को यह आदेश देते हुए नजर आ रहे हैं। दंगल की तस्वीरें देखिए… पूरा मामला विस्तार से पढ़िए… सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज से राघवेंद्र प्रताप सिंह विधायक रह चुके हैं। उनकी ओर से धर्म रक्षा मंच के बैनर तले राप्ती नदी के तट पर स्थित परशुराम वाटिका में कुश्ती प्रतियोगिता ‘राम-राम कुश्ती दंगल’ का आयोजन कराया जा रहा है। मंच के अध्यक्ष पप्पू श्रीवास्तव और संरक्षक खुद राधवेंद्र प्रताप सिंह हैं। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ 17 जनवरी को हुआ था। आज प्रतियोगिता के तीसरे दिन एक शास्त्री और एक थापा पहलवान में झगड़ा हो गया। दोनों एक दूसरे पर दंगल के दौरान बेइमानी का आरोप लगाने लगे। देखते ही देखते कई अन्य पहलवान भी अखाड़े में चढ़ आए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में पहलवानों में मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच कुछ पहलवान मंच पर चढ़ गए और हंगामा करने लगे। हंगामा बढ़ता देख राघवेंद्र प्रताप सिंह ने माइक थाम लिया। पहले तो वे पहलवानों को शांत रहने और मंच से उतरने के लिए कहने लगे। पर पहलवानों के ना मानने पर “खतना चेक कराने” की बात कहने लगे। इस बीच वे मंच से वह कहते सुनाई दिए—“शास्त्री पहलवान को ऊपर बुलाओ” और फिर सवाल किया, “कौन मुसलमान है?” इसके तुरंत बाद उन्होंने पहलवानों का “खतना चेक” कराने जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी की। वीडियो में साफ दिख रहा है कि राघवेंद्र प्रताप सिंह मंच पर बैठे डुमरियागंज थाना प्रभारी श्रीप्रकाश यादव और अपने प्रतिनिधि लवकुश ओझा को माइक से तीन बार यह कहते हुए निर्देश दे रहे हैं कि पहलवानों का खतना चेक कराया जाए। इस बयान से वहां मौजूद लोगों में असहजता और नाराजगी देखी गई। वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर आक्रोश इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फेसबुक, एक्स और व्हाट्सऐप ग्रुपों में वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने इसे न केवल एक विशेष समुदाय का अपमान बताया, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान करार दिया। यूजर्स का कहना है कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है और इससे समाज में नफरत फैलती है। कई लोगों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है। पहले भी विवादों में रह चुके हैं राघवेंद्र प्रताप यह पहला मौका नहीं है जब राघवेंद्र प्रताप सिंह अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी वह मुस्लिम समुदाय को लेकर दिए गए बयानों के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं। 16 अक्तूबर 2025 डुमरियागंज के धनखरपुर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनका “10 मुस्लिम लड़की लो, नौकरी हम देंगे” वाला बयान भी राजनीतिक विवाद का कारण बना था। उस समय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत कई दलों ने बयान की कड़ी निंदा की थी। नेपाल-भूटान से भी पहुंचे पहलवान राघवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से आयोजित इस राम-राम कुश्ती दंगल में देश-विदेश के पहलवानों ने हिस्सा लिया है। नेपाल, भूटान, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और केरल सहित कई राज्यों के पहलवानों ने अखाड़े में अपने दांव-पेंच दिखाने पहुंचे हैं। राजस्थान के पहलवान बने ”राम-राम केसरी” इस दंगल में 56 से अधिक पहलवानों ने हिस्सा लिया और 1100 से लेकर 21 हजार रुपए तक की 72 से अधिक कुश्तियां कराई जा रही हैं। सोमवार को फाइनल मुकाबले में नरेश पहलवान (राजस्थान) ने सर्वेश तिवारी (उत्तर प्रदेश) को हराकर “राम-राम केसरी” की उपाधि अपने नाम की। उन्हें 21 हजार रुपए नकद, गदा और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। —————————————————– ये खबर भी पढ़िए… राहुल गांधी को अल्टीमेटम…हाजिर हों या कार्रवाई करेंगे:सुल्तानपुर MP/MLA कोर्ट ने कहा- 20 फरवरी को आखिरी मौका रायबरेली MP/MLA कोर्ट ने राहुल गांधी को अब 20 फरवरी को हाजिर होने का आदेश दिया है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उनको मौजूद रहने को कहा था। लेकिन नेता प्रतिपक्ष के अधिवक्ता काशी शुक्ला ने कोर्ट को बताया कि केरल में होने की वजह से राहुल स्वयं उपस्थित नहीं हो सके। कोर्ट ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि यह उनके लिए अंतिम मौका है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, कोर्ट में राहुल गांधी का इस केस में बयान दर्ज कराया जाना है। पूरी खबर पढ़िए…
BJP पूर्व विधायक ने कहा- पहलवानों का ''खतना'' चेक कराओ:सिद्धार्थनगर में कुश्ती दंगल में मंच से SHO को दिया निर्देश, तीन बार बोले
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज से भाजपा के पूर्व विधायक एक बार फिर से विवाद के घेरे में हैं। डुमरियागंज में आयोजित एक कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने पहलवानों का ”खतना” चेक करने की बात कही। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। दरअसल राघवेंद्र प्रताप की ओर से डुमरियागंज में कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन कराया जा रहा है। आयोजन के तीसरे दिन दो पहलवानों के बीच झगड़ा हो गया। देखते ही देखते कई पहलवान तक चढ़ आए। मामला बढ़ता देख राघवेंद्र प्रताप ने माइक थाम लिया। पहले तो पहलवानों को समझाने की कोशिश की। इसके बाद कुछ पहलवानों का खतना चेक कराने की बात कहने लगे। वे आयोजन के दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच मंच से माइक पकड़कर स्थानीय थाना प्रभारी और अपने प्रतिनिधि को यह आदेश देते हुए नजर आ रहे हैं। दंगल की तस्वीरें देखिए… पूरा मामला विस्तार से पढ़िए… सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज से राघवेंद्र प्रताप सिंह विधायक रह चुके हैं। उनकी ओर से धर्म रक्षा मंच के बैनर तले राप्ती नदी के तट पर स्थित परशुराम वाटिका में कुश्ती प्रतियोगिता ‘राम-राम कुश्ती दंगल’ का आयोजन कराया जा रहा है। मंच के अध्यक्ष पप्पू श्रीवास्तव और संरक्षक खुद राधवेंद्र प्रताप सिंह हैं। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ 17 जनवरी को हुआ था। आज प्रतियोगिता के तीसरे दिन एक शास्त्री और एक थापा पहलवान में झगड़ा हो गया। दोनों एक दूसरे पर दंगल के दौरान बेइमानी का आरोप लगाने लगे। देखते ही देखते कई अन्य पहलवान भी अखाड़े में चढ़ आए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में पहलवानों में मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच कुछ पहलवान मंच पर चढ़ गए और हंगामा करने लगे। हंगामा बढ़ता देख राघवेंद्र प्रताप सिंह ने माइक थाम लिया। पहले तो वे पहलवानों को शांत रहने और मंच से उतरने के लिए कहने लगे। पर पहलवानों के ना मानने पर “खतना चेक कराने” की बात कहने लगे। इस बीच वे मंच से वह कहते सुनाई दिए—“शास्त्री पहलवान को ऊपर बुलाओ” और फिर सवाल किया, “कौन मुसलमान है?” इसके तुरंत बाद उन्होंने पहलवानों का “खतना चेक” कराने जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी की। वीडियो में साफ दिख रहा है कि राघवेंद्र प्रताप सिंह मंच पर बैठे डुमरियागंज थाना प्रभारी श्रीप्रकाश यादव और अपने प्रतिनिधि लवकुश ओझा को माइक से तीन बार यह कहते हुए निर्देश दे रहे हैं कि पहलवानों का खतना चेक कराया जाए। इस बयान से वहां मौजूद लोगों में असहजता और नाराजगी देखी गई। वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर आक्रोश इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फेसबुक, एक्स और व्हाट्सऐप ग्रुपों में वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने इसे न केवल एक विशेष समुदाय का अपमान बताया, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान करार दिया। यूजर्स का कहना है कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है और इससे समाज में नफरत फैलती है। कई लोगों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है। पहले भी विवादों में रह चुके हैं राघवेंद्र प्रताप यह पहला मौका नहीं है जब राघवेंद्र प्रताप सिंह अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी वह मुस्लिम समुदाय को लेकर दिए गए बयानों के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं। 16 अक्तूबर 2025 डुमरियागंज के धनखरपुर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनका “10 मुस्लिम लड़की लो, नौकरी हम देंगे” वाला बयान भी राजनीतिक विवाद का कारण बना था। उस समय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत कई दलों ने बयान की कड़ी निंदा की थी। नेपाल-भूटान से भी पहुंचे पहलवान राघवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से आयोजित इस राम-राम कुश्ती दंगल में देश-विदेश के पहलवानों ने हिस्सा लिया है। नेपाल, भूटान, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और केरल सहित कई राज्यों के पहलवानों ने अखाड़े में अपने दांव-पेंच दिखाने पहुंचे हैं। राजस्थान के पहलवान बने ”राम-राम केसरी” इस दंगल में 56 से अधिक पहलवानों ने हिस्सा लिया और 1100 से लेकर 21 हजार रुपए तक की 72 से अधिक कुश्तियां कराई जा रही हैं। सोमवार को फाइनल मुकाबले में नरेश पहलवान (राजस्थान) ने सर्वेश तिवारी (उत्तर प्रदेश) को हराकर “राम-राम केसरी” की उपाधि अपने नाम की। उन्हें 21 हजार रुपए नकद, गदा और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। —————————————————– ये खबर भी पढ़िए… राहुल गांधी को अल्टीमेटम…हाजिर हों या कार्रवाई करेंगे:सुल्तानपुर MP/MLA कोर्ट ने कहा- 20 फरवरी को आखिरी मौका रायबरेली MP/MLA कोर्ट ने राहुल गांधी को अब 20 फरवरी को हाजिर होने का आदेश दिया है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उनको मौजूद रहने को कहा था। लेकिन नेता प्रतिपक्ष के अधिवक्ता काशी शुक्ला ने कोर्ट को बताया कि केरल में होने की वजह से राहुल स्वयं उपस्थित नहीं हो सके। कोर्ट ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि यह उनके लिए अंतिम मौका है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, कोर्ट में राहुल गांधी का इस केस में बयान दर्ज कराया जाना है। पूरी खबर पढ़िए…










































