उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खतौनी में खातेदार और सह-खातेदारों के नाम तथा भूमि हिस्से से जुड़ी त्रुटियों को सुधारने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर शुरू किया गया है। इसी कड़ी में, सदर तहसील की ग्राम पंचायत फुलवरिया में ग्रामीणों को आपसी सहमति से अंश निर्धारण कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया।अधिकारियों ने ग्रामीणों को अंश निर्धारण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सहमति के आधार पर अंश निर्धारण करने से प्रत्येक सह-खातेदार का भूमि हिस्सा स्पष्ट रूप से निर्धारित हो जाता है। इससे यह साफ हो जाता है कि किस व्यक्ति के पास कितनी जमीन है, जिससे पारिवारिक और साझेदारी से संबंधित भूमि विवादों को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।अंश निर्धारण के बाद, खातेदार अपनी भूमि पर स्वतंत्र रूप से खेती, निर्माण, बिक्री या पट्टा कर सकते हैं। खसरा-खतौनी में सही नाम और हिस्सा दर्ज होने से भविष्य में होने वाले कानूनी विवादों से भी बचाव होता है। इसके अतिरिक्त, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, मुआवजा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी संबंधित खातेदार को सीधे और आसानी से मिल पाता है।
खतौनी सुधार के लिए विशेष अभियान: फुलवरिया में अंश निर्धारण पर जोर, ग्रामीणों को किया गया जागरूक – Pakari Naunia(Maharajganj sadar) News
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खतौनी में खातेदार और सह-खातेदारों के नाम तथा भूमि हिस्से से जुड़ी त्रुटियों को सुधारने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर शुरू किया गया है। इसी कड़ी में, सदर तहसील की ग्राम पंचायत फुलवरिया में ग्रामीणों को आपसी सहमति से अंश निर्धारण कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया।अधिकारियों ने ग्रामीणों को अंश निर्धारण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सहमति के आधार पर अंश निर्धारण करने से प्रत्येक सह-खातेदार का भूमि हिस्सा स्पष्ट रूप से निर्धारित हो जाता है। इससे यह साफ हो जाता है कि किस व्यक्ति के पास कितनी जमीन है, जिससे पारिवारिक और साझेदारी से संबंधित भूमि विवादों को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।अंश निर्धारण के बाद, खातेदार अपनी भूमि पर स्वतंत्र रूप से खेती, निर्माण, बिक्री या पट्टा कर सकते हैं। खसरा-खतौनी में सही नाम और हिस्सा दर्ज होने से भविष्य में होने वाले कानूनी विवादों से भी बचाव होता है। इसके अतिरिक्त, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, मुआवजा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी संबंधित खातेदार को सीधे और आसानी से मिल पाता है।





































