मणिकर्णिका घाट ध्वस्तीकरण के विरोध में कांग्रेसियों का ज्ञापन:सिद्धार्थनगर में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा

8
Advertisement

वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में 10 जनवरी को यह विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान डुमरियागंज तहसील में राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार विष्णु प्रसाद सिंह को सौंपा गया, क्योंकि एसडीएम अनुपस्थित थे। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा ऐतिहासिक घाट के पुनर्निर्माण की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति की पुनः स्थापना और घाटों के सौंदर्यीकरण का कार्य काशी के सम्मानित धर्माचार्यों और काशीवासियों से विचार-विमर्श के बाद ही कराने पर जोर दिया गया। कांग्रेस उपाध्यक्ष अशोक गुप्ता और कोषाध्यक्ष रियाज़ मनिहार ने बताया कि मणिकर्णिका घाट का जीर्णोद्धार वर्ष 1791 में माता अहिल्याबाई होलकर ने कराया था। यह घाट भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण के बाद माता अहिल्याबाई होलकर की पवित्र एवं ऐतिहासिक मूर्तियां मणिकर्णिका घाट के मलबे में दबी पड़ी हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ज्ञापन सौंपने के दौरान आसिफ़ रिज़्वी, अर्जुन कन्नौजिया, राजेश कुमार, तुलसीराम यादव, रमेश चन्द्र, भल्लू और संतराम गौतम सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Advertisement