बहराइच जिले के महसी विकासखंड की ग्राम पंचायत एरिया स्थित गौशाला में चारे और पानी के अभाव में गोवंश की मौतें हो रही हैं। गौशाला में प्रवेश पर लगी इस पाबंदी की पुष्टि मौके पर तैनात केयरटेकर लक्ष्मण ने की है। उन्होंने बताया कि किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं है। भगवानपुर के पशु चिकित्सा प्रभारी जगेंद्र वर्मा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पैरा-वेट को भी गौशाला में प्रवेश नहीं करने दिया जाता। प्रभारी जगेंद्र वर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्तमान प्रधान से कभी मुलाकात नहीं की है। उनके अनुसार, गांव की प्रधानी कोई अन्य व्यक्ति संचालित कर रहा है, जिसके नियंत्रण में यह गौशाला है। वर्मा ने यह भी बताया कि एक बार रात में निरीक्षण के दौरान भी गौशाला का ताला नहीं खोला गया था। गौशाला में हरे चारे और बीमार गोवंशों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में मृत पशु सड़ रहे हैं, और घायल गोवंशों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। बहराइच के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने संबंधित प्रभारी से बात कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
महसी की गौशाला में भूख से गोवंश की मौत: अधिकारियों का प्रवेश वर्जित, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल – Mahsi News
बहराइच जिले के महसी विकासखंड की ग्राम पंचायत एरिया स्थित गौशाला में चारे और पानी के अभाव में गोवंश की मौतें हो रही हैं। गौशाला में प्रवेश पर लगी इस पाबंदी की पुष्टि मौके पर तैनात केयरटेकर लक्ष्मण ने की है। उन्होंने बताया कि किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं है। भगवानपुर के पशु चिकित्सा प्रभारी जगेंद्र वर्मा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पैरा-वेट को भी गौशाला में प्रवेश नहीं करने दिया जाता। प्रभारी जगेंद्र वर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्तमान प्रधान से कभी मुलाकात नहीं की है। उनके अनुसार, गांव की प्रधानी कोई अन्य व्यक्ति संचालित कर रहा है, जिसके नियंत्रण में यह गौशाला है। वर्मा ने यह भी बताया कि एक बार रात में निरीक्षण के दौरान भी गौशाला का ताला नहीं खोला गया था। गौशाला में हरे चारे और बीमार गोवंशों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में मृत पशु सड़ रहे हैं, और घायल गोवंशों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। बहराइच के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने संबंधित प्रभारी से बात कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।





































